हैं महंगाई ! है महंगाई? हाय हाय महंगाई
चंडीगढ़ बृहस्पतिवार 12 मार्च 2026 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा—- महंगाई तो भाइया तब भी थी, जब महंगाई थी ही नहीं। महंगाई तो देश की गुलामी के वक्त भी थी और देश की आजादी में है।। भौतिक चराचर जगत में महत्वपूर्ण भूमिका महंगाई निभाती आई है। देशभक्त तो क्या देश द्रोही राजनीतिक दलों…

