मुस्लिमों द्वारा हिन्दू नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ का मामला गरमाया हिंदू धर्म के दो युवकों पर किये मामले दर्ज पुलिस कार्रवाई पर भेद-भाव के छींटें

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चंडीगढ़/शिमला /संजौली:– मंगलवार ०9/06/2026 अनिल शारदा पंकज राजपूत प्रस्तुति—: देवी देवताओं की तपोस्थली हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब एक स्थानीय दर्जी और उसके साथी के साथ मारपी.ट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिंदू संघर्ष समिति के नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के विरोध में कुछ प्रदर्शनकारी और स्थानीय लोग संजौली पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए, जिनमें पीड़ित लड़की भी शामिल थी। जिससे मौके पर पुलिस और जनता के बीच तीखी नोकझोंक हुई और माहौल गरमा गया।

दरअसल, पुलिस के अनुसार इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब संजौली में दर्जी की दुकान चलाने वाले अजीम मिर्जा और उनके सहकर्मी आफताब के साथ कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर बदसलू.की की। आरोप है कि एक युवती को सामने लाकर जबरन पहचान कराने की कोशिश की गई और युवती द्वारा मना करने के बावजूद इन दोनों के साथ दुकान और सड़क पर ले जाकर मारपी.ट की गई, नारेबाजी हुई और सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना पिछले कल महिला थाने में दर्ज हुए एक मामले से जुड़ी है, जिसमें मुख्य आरोपी उबैद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि पीड़ित युवती के बयानों में अजीम और आफताब के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं था, फिर भी पुलिस निष्पक्षता के लिए उनकी भूमिका की जांच कर रही थी। इसी बीच कुछ स्थानीय संगठनों के पदाधिकारियों ने कानून हाथ में लेकर जांच प्रभावित करने की कोशिश की और दोनों का सड़क पर जुलूस निकाला।

पुलिस के अनुसार, घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए संजौली पुलिस ने निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (जैसे धारा 333, 115(2), 191(2) आदि) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिंदू संघर्ष समिति के दो मुख्य नेताओं—मदन ठाकुर और विजय शर्मा समेत चार लोगों को हिरासत/गिरफ्तारी में लिया है, जिन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मामले के हर पहलू की गहराई से और पूरी तरह निष्पक्ष जांच की जा रही है। स्थानीय जनता के मुताबिक पुलिस भेद-भाव और पक्षपात से काम कर रही है। जनता ने कहा है कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में मुस्लिम जिहादियों ने दहशतगर्दी हिंदू धर्म की बेटियों महिलाओं से छेड़छाड़ अश्लीलता फैलाने का कुकर्म कथित तौर पर जारी रखा हुआ है।। शर्म की बात तो यह है कि हिमाचली पुलिस दोषियों को दबोचने के बजाय पीड़िता और अभिभावकों और कुकर्म के खिलाफ कार्रवाई करने की आवाज़ उठाने वाले हिन्दू लोगों को ही झूठे केसों में फंसा रही है।। पुलिस ने कहा है कि किसी के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।। फिर भी अज्ञात कारणों से हिमाचल प्रदेश की पुलिस और पुलिस कार्रवाई पर थू थू हो रही है।।

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