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चंडीगढ़ सोमवार 18.05.2026 अल्फा न्यूज इंडिया प्रस्तुति— सन 2012 में भारतीय मूल की एक कनाडाई नागरिक सिख लड़की राजविंदर कौर गिल के साथ पाकिस्तान में जो कुछ हुआ उसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे और इस पर भी आपको आश्चर्य होगा कनाडा अमेरिका और भारत के तमाम खालिस्तानी इस मामले पर चुप रहे,,,, राजविंदर कौर गिल के पिताजी भारतीय पंजाब से कनाडा चले गए थे जब राजविंदर 1 साल की थी राजविंदर कौर गिल की पढ़ाई लिखाई कनाडा में हुई और वह पढ़ने में बहुत ब्रिलियंट थी उसने फाइनेंस में एमबीए किया और फाइनेंस में ही उसने रिसर्च किया उसे कनाडा के सबसे बड़े बैंक बैंक ऑफ़ कनाडा में उच्च पद पर नौकरी मिली वह बैंक ऑफ़ कनाडा की वाइस प्रेसीडेंट पद तक गई उसके बाद वह स्विट्जरलैंड चली गई जहां यूबीएस, मैरिच लिंच और ईएफ़जी बैंक जैसे बैंकों के साथ काम किया जो पूरे दुनिया में स्विस बैंक के नाम से मशहूर है उसने नौकरी और पैसा कमाने की वजह से विवाह नहीं किया था वह मां-बाप को हमेशा कहती थी कि वह विवाह जब करियर से फ्री होगी तब करेगी फिर परिवार के दबाव में उसने अपने समकक्ष लड़के की खोज में उसने अपना प्रोफाइल एक मैट्रिमोनी साइट पर बनाया वहां उसे एक सिख नाम का प्रोफाइल मिला जो पाकिस्तान के लाहौर का था,,। राजविंदर कौर गिल को उसी वक्त सतर्क हो जाना चाहिए था कि पाकिस्तान में अब कितने सिख बचे हैं ? और जो है वह खुद भी बेहद समस्या की अवस्था में जी रहे हैं लेकिन वह उसे सिख समझ कर उसके साथ चैट करती रही उसके साथ बातें करती रही और फिर एक दिन अचानक उसने अपनी आलीशान नौकरी से इस्तीफा दे दिया जबकि इस्तीफा देते समय वह दुनिया के मशहूर बैंक UBS की वाइस प्रेसिडेंट थी स्विट्जरलैंड कनाडा में उसके आलीशान घर थे और उसके पास करोड़ो डॉलर की नगदी भी इकट्ठा हो चुकी थी क्योंकि वह अकेली थी इसलिए उसकी सैलरी के सारे पैसे बैंक में ही रहते थे फिर उसने अपने माता-पिता को कहा कि वह कीमती पत्थरों नग का व्यापार करने जा रही है यानी नग और ज्वेलरी का उसका शोरूम खोलेगी और इस सिलसिले में वहां पाकिस्तान जा रही है और उसने अपने साथ कई कार्ड भी लेकर गई थी पाकिस्तान में एक हफ्ते तक उसका फोन चालू रहा और उसके पिताजी से रोज बात होती थी फिर अचानक उसका फोन बंद हो गया और उसके पिताजी से बात होनी बंद हो गई माता-पिता पाकिस्तान आए छानबीन हुआ तब पता चला कि उसका कत्ल हो चुका है उसके बाद जो कहानी निकाल कर सामने वाली वह बेहद घिनौनी कहानी आई दरअसल कनाडा में अवैध तरीके से घुसपैठिया बनकर गया एक पाकिस्तानी मुस्लिम शाहीद गजनफ़र था जो इस परिवार को जानता था और इस राजविंदर कौर गिल को भी जानता था कि यह बहुत पैसे वाली है लाखों डॉलर सैलरी है और इसने सारे पैसे इकट्ठा करके रखे हैं उसके बाद शाहिद गजनफ़र जर्मनी चला गया और शाहिद गजनफर को पता था कि यह महिला अकेली रहती है अभी इसकी शादी नहीं हुई है तो उसने उसको अपने चाल में फंसने के लिए मैट्रिमोनी साइट पर एक सिख युवक का बायोडाटा बनाया एक बेहद हैंडसम सिख लड़के की तस्वीर लगाई और खुद को बड़ा व्यापारी बताया और राजविंदर कौर गिल को उसका बायोडाटा पसंद आया और वह उससे बातें करने लगी धीरे-धीरे दोनों बातों में इतने आगे निकल गए और सिख वेश में छुपा हुआ शाहीद गजनफर उसे अपने जाल में फसाया और उसे लालच दिया कि अब तुम्हें नौकरी नहीं करनी चाहिए मेरा शानदार बड़ा बिजनेस है हमारा कीमती पत्थरों का कीमती नग का पूरी दुनिया में व्यापार है तो नौकरी छोड़ दो उसके बाद हम दोनों लंदन अमेरिका इटली सहित पूरे यूरोप में ज्वेलरी के कीमती पत्थरों के शोरूम खोलेंगे और राजविंदर कौर गिल उसकी बातों में आकर अचानक अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर पाकिस्तान चली आई पाकिस्तान में शाहिद गजनफर उसे मिला और उसको बताया कि मुझे सुखविंदर सिंह जी ने भेजा है वह बिजनेस के काम से अचानक कहीं फंसे हुए हैं और उन्होंने कहा है कि मैं आपको जेम्स और ज्वेलरी दिखाऊं और व्यापारियों से आपको मिलाऊउसके बाद उसको उस सिख युवक जो असल में शहीद गजनफर ही था की तरफ से मैसेज आता है कि तुम इनको पैसे निकाल कर दे देना और यह खरीदी करते रहेंगे फिर पहले उसे काफी पैसे निकाल कर दिए गए फिर उस फ्रॉड ने उसे इस बात के लिए राजी कर लिया कि वह अपने सारे कार्ड इनको दे दे और उसका पासवर्ड बता दे और वह होटल में आराम से रहे और यह लोग सारी खरीदी कर देंगे उसके सारे कार्ड ले लिए कार्ड का पासवर्ड उसने प्रेम जाल में फंसा कर ले लिया था उसके बाद राजविंदर कौर गिल की हत्या कर दी गई और लाश को नहर में फेंक दिया गया और शाहिद गजनफर जर्मनी भाग गयाइस हत्या में शाहिद गजनफर ने अपने दो रिश्तेदारों को भी शामिल किया था उनको पैसे की लालच दी गई थी और साथ में यह भी बताया गया था कि यह लड़की काफीर है इसीलिए इसकी हत्या का उनका कोई पाप नहीं लगेगाशुरू में पाकिस्तान सरकार ने इस घटना को पूरी तरह से दबाने की कोशिश किया लेकिन क्यूंकि मृतका राजविंदर कौर गिल उसे वक्त के पंजाब के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह बादल की रिश्तेदार थी सुखविंदर सिंह बादल ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोर जोर से उठाया पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखा कनाडा सरकार तथा स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखा तब जाकर इस मामले की जांच हुई लेकिन आज तक कभी राजविंदर कौर गिल के शव को बरामद नहीं किया जा सका शाहिद गजनफर को जर्मनी पुलिस ने गिरफ्तार किया उसके खिलाफ जर्मनी में ही मुकदमा चला लेकिन उसने मृतका से हथियाये पैसे के दम पर जर्मनी के बड़े-बड़े वकीलों को रखा और उन वकीलों ने इस बात पर उसे हत्या की सजा होने से बचा लिया कि जब मृतका की लाश ही नहीं मिली है तब आप शाहिद गजनफ़र पर कोई हत्याकांड से कैसे जोड़ सकते हैंउसके ऊपर सिर्फ धोखाधड़ी और फ्रॉड का केस हुआ और मात्र कुछ सालों की सजा के बाद वह जेल से बाहर आ गया जब तक राजविंदर कौर गिल के अकाउंट को फ्रिज किया जाता तब तक करोडो डॉलर निकाले जा चुके थे और इस तरह यह केस दम तोड़ गया ,,,,,,एक होनहार सिख लड़की मारी गई लेकिन आप लोगों को इस घटना की याद शायद ही होगी क्योंकि कभी भी किसी पंजाबी एक्टिविस्ट ने इस मामले को उठाया ही नहीं,,,llll साभार..प्रस्तुति www.alphanewsindia.in


