आरोहनम् मार्तण्डस्य और पतनम् मार्तण्डस्य दूनिया को है भारत के सनातन धर्म ग्रंथों की देन

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चंडीगढ़:-09 अक्तूबर:– आरके विक्रमा शर्मा/ करण शर्मा+अनिल शारदा/राजेश पठानिया प्रस्तुति:—-  *भारतीय संस्कृति*

*समय सूचक AM और PM का उदगम भारत ही था।*

पर हमें बचपन से यह रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दों AM और PM का मतलब होता है :

AM : एंटी मेरिडियन (ante meridian)

PM : पोस्ट मेरिडियन (post meridian)

एंटी यानि पहले, लेकिन किसके?

 

पोस्ट यानि बाद में, लेकिन किसके?

 

यह कभी साफ नहीं किया गया, क्योंकि यह चुराये गये शब्द का लघुतम रूप था।

 

अध्ययन करने से ज्ञात हुआ और हमारी प्राचीन संस्कृत भाषा ने इस संशय को अपनी आंधियों में उड़ा दिया और अब, सब कुछ साफ-साफ दृष्टिगत है।

कैसे.???

देखिये…

 

*AM = आरोहनम् मार्तण्डस्य* Aarohanam Martandasya

 

*PM = पतनम् मार्तण्डस्य* Patanam Martandasya

 

सूर्य, जो कि हर आकाशीय गणना का मूल है, उसीको गौण कर दिया।

 

अंग्रेजी के ये शब्द संस्कृत के उस ‘मतलब’ को नहीं इंगित करते जो कि वास्तव में है।

 

आरोहणम् मार्तण्डस्य Arohanam Martandasaya यानि सूर्य का आरोहण (चढ़ाव)।

 

पतनम् मार्तण्डस्य Patanam Martandasaya यानि सूर्य का ढलाव।

 

दिन के बारह बजे के पहले सूर्य चढ़ता रहता है – ‘आरोहनम मार्तण्डस्य’ (AM)।

 

बारह के बाद सूर्य का अवसान/ ढलाव होता है – ‘पतनम मार्तण्डस्य’

 

ये है भारत का पुरातन विज्ञान।

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