चक्की दरिया इलाके के लोगों के लिए बना मुसीबतों का दरिया सरकारें आज तक रहीं नाकाम

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चंडीगढ़/पठानकोट:-16 जुलाई:- अल्फा न्यूज़ इंडिया डेस्क+ कँवल रंधावा :—-भूमि कटाव की भेंट चढ़े एयरपोर्ट रास्ते की वजह से गुज्जर समुदाये खासा परेशान हो रहे हैं। अपनी जान जोखिम में डाल कर रोजमर्रा के काम मजबूर होकर निपटा रहे हैं। दिल दहला देने वाली सच्चाई और अगली पिछली तमाम सरकारों की ना कामयाबी का आलम यह है कि चक्की दरिया में रस्सी डाल उस के सहारे सामान एक किनारे से दूसरे किनारे पहुंचाया जा रहा है।  हिमाचल सरकार में ठाकुर जयराम, भारतीय जनता पार्टी की काबिज सरकार से जल्द अस्थाई पुल डालने की हर बार की तरह इस बार भी पुरजोर मांग उठाई जा रही है। रस्सियों के सहारे आर पार आने-जाने और सामान ढोने के क्रम में जानमाल की भारी क्षति से कोई इनकार नहीं कर सकता है। कब कहां कैसे और किन हालातों में क्या जानलेवा हादसा घटेगा सब राम भरोसे ही है।
पिछले दिनों चक्की दरिया की भेंट चढ़े एयरपोर्ट रोड का असर जहां मिलिट्री हॉस्पिटल पर देखने को मिला है वही अब इस का असर स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी पढ़ता हुआ दिख रहा है जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चक्की दरिया के उस तरफ पड़ते 12 गांव के लोगों को अपना व्यापार करने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है और इन सब के बीच गुर्जर समुदाय खासा परेशान दिख रहा है क्योंकि गुर्जर समुदाय का काम लोगों तक दूध पहुंचाना है और रोजाना दूध पहुंचाने के लिए इन दिनों उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है यह लोग अपनी जान जोखिम में डाल दरिया में उतर रहे हैं और रस्सी के सहारे लोगों तक दूध पहुंचा रहे हैं चाहे इस संबंधी हिमाचल के जिला कांगड़ा के डीसी इस इलाके का दौरा करके जा चुके हैं लेकिन उसके बावजूद अभी तक इस तरफ कोई भी कदम नहीं उठाए गए हैं इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
 इस संबंधी जब गुर्जर समुदाय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पुल टूटने की वजह से उनका व्यापार काफी प्रभावित हो रहा है और बच्चों की रोजाना जरूरतों के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही है उन्होंने बताया कि रस्सी के सहारे उनके द्वारा जान जोखिम में डाल सामान एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचाया जा रहा है इस मौके उन्होंने हिमाचल प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि यहां पर किसी अस्थाई पुल का निर्माण जल्द से जल्द करवाया जाए ताकि हिमाचल से टूटे इन बारह गांव के लोगों को जल्द से जल्द कोई राहत मिल सके।

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