मुक्ति पर्व संदेश समर्पण भाव से मनाएं ; सुदीक्षा जी

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ब्रह्मलीन सविंदर कौर जी के नामित मिशन की छठी सर्वेसर्वा सुदीक्षा जी ने किये प्रवचन

ब्रह्मलीन सविंदर कौर जी के नामित मिशन की छठी सर्वेसर्वा सुदीक्षा जी ने किये प्रवचननिरंकारी माता सविंदर हरदेव जी को श्रद्धांजलि, सुदीक्षा जी द्वारा ईश्वर की रज़ा मानने का आह्वान   चण्डीगढ : 9 अगस्त: आरके विक्रमा शर्मा /मोनिका शर्मा :—– निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी के अंतिम संस्कार के पश्चात् प्रेरणा दिवस मनाया गया और…

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लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई

लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई   अंतिम संस्कार किया गया निगम बोध घाट पर                 चण्डीगढ 8 अगस्त : अल्फा  न्यूज़ इंडिया :—– निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी महाराज को आज दिल्ली में लाखों श्रद्धालु भक्तों द्वारा अत्यंत भक्तिभाव से विदाई दी गई। इस अवसर पर चण्डीगढ मोहाली पंचकुला से भी सैक्डों सेवादल और हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हंुए।उनकी अंतिम यात्रा प्रातः9.30 बजे बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नं.8 से प्रारंभ हुई और दोपहर लगभग 1.00 बजे निगम बोध घाट पर पहुंची।                 अंतिम यात्रा ने वास्तव में एक शोभा यात्रा का ही रूप धारण कर लिया। माता जी का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित एक खुलेवाहन पर रखा गया जिस पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा उनकी दोनों बहने एवं गुरु परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। इससे पहले सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा माता सविंदर हरदेव जी की दो अन्य सुपुत्रियों ने शाल भेंट करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।समस्त साध संगत की ओर से संत निरंकारी मंडल के अध्यक्ष श्री गोबिन्द सिंह जी तथा अन्य प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूषों ने भी शालतथा फूलों के गुलदस्ते भेंट करके अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इनमें बहुत से महापुरूष दूर-देशों से आए थे।                 लगभग 10 किलोमीटर लम्बी इस यात्रा में संत निरंकारी मिशन की परंपराओं के अनुसार सबसे आगे भारत तथा दूरदेशों केसेवादल सदस्य और उनके पीछे देश तथा दूरदेशों से आये हुए प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूष सफेद दुपट्टा पहन कर चल रहे थे। रास्ते मेंसड़कों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने खड़े होकर माता सविंदर हरदेव जी महाराज को स्नेहपूर्वक विदाई दी। अंतिमसंस्कार की औपचारिकता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा गुरु परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माता जी की बड़ी सुपुत्री समता जी केबेटे हार्दिक जी ने निभाई।                 माता सविंदर हरदेव जी महाराज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे परंतु उन्होंने इसे मिशन की गतिविधियों में बाधा का कारणबनने नहीं दिया। उन्होंने दो वर्ष से भी अधिक संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में मार्गदर्शन किया और 16 जुलाई, 2018को अपनी सबसे छोटी सुपुत्री सुदीक्षा जी को मिशन की बागडोर सौंप दी। औपचारिक समारोह 17 जुलाई, 2018 को सम्पन्न हुआ जिसमें देशतथा दूर देशों से आये लाखों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात् माता जी का स्वास्थ्य और कमजोर होता गया और वे 5 अगस्त, 2018 को लगभग सायं 5.15 बजे नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गये। उसी शाम से उनके शरीर को ग्राउंड नं. 8 में अंतिम दर्शनों के लियेरखा गया और यह कार्यक्रम आज सुबह तक चलता रहा। अनुमान है कि दिन-रात दर्शन करने वालों की संख्या पांच लाख से भी अधिक रही।                 आज निगम बोध घाट पर भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण मंत्री श्री हर्षवर्धन ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।                 माता सविंदर हरदेव जी के जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिये संत निरंकारी मिशन की ओर से प्ररेणा दिवस भी आज हीमनाया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कर रहे हैं। ——————————————————–

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लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई

लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई अंतिम संस्कार किया गया निगम बोध घाट पर                 चण्डीगढ 8 अगस्त : अल्फा  न्यूज़ इंडिया :—– निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी महाराज को आज दिल्ली में लाखों श्रद्धालु भक्तों द्वारा अत्यंत भक्तिभाव से विदाई दी गई। इस अवसर पर चण्डीगढ मोहाली पंचकुला से भी सैक्डों सेवादल और हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हंुए।उनकी अंतिम यात्रा प्रातः9.30 बजे बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नं.8 से प्रारंभ हुई और दोपहर लगभग 1.00 बजे निगम बोध घाट पर पहुंची।                 अंतिम यात्रा ने वास्तव में एक शोभा यात्रा का ही रूप धारण कर लिया। माता जी का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित एक खुलेवाहन पर रखा गया जिस पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा उनकी दोनों बहने एवं गुरु परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। इससे पहले सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा माता सविंदर हरदेव जी की दो अन्य सुपुत्रियों ने शाल भेंट करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।समस्त साध संगत की ओर से संत निरंकारी मंडल के अध्यक्ष श्री गोबिन्द सिंह जी तथा अन्य प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूषों ने भी शालतथा फूलों के गुलदस्ते भेंट करके अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इनमें बहुत से महापुरूष दूर-देशों से आए थे।                 लगभग 10 किलोमीटर लम्बी इस यात्रा में संत निरंकारी मिशन की परंपराओं के अनुसार सबसे आगे भारत तथा दूरदेशों केसेवादल सदस्य और उनके पीछे देश तथा दूरदेशों से आये हुए प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूष सफेद दुपट्टा पहन कर चल रहे थे। रास्ते मेंसड़कों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने खड़े होकर माता सविंदर हरदेव जी महाराज को स्नेहपूर्वक विदाई दी। अंतिमसंस्कार की औपचारिकता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा गुरु परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माता जी की बड़ी सुपुत्री समता जी केबेटे हार्दिक जी ने निभाई।                 माता सविंदर हरदेव जी महाराज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे परंतु उन्होंने इसे मिशन की गतिविधियों में बाधा का कारणबनने नहीं दिया। उन्होंने दो वर्ष से भी अधिक संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में मार्गदर्शन किया और 16 जुलाई, 2018को अपनी सबसे छोटी सुपुत्री सुदीक्षा जी को मिशन की बागडोर सौंप दी। औपचारिक समारोह 17 जुलाई, 2018 को सम्पन्न हुआ जिसमें देशतथा दूर देशों से आये लाखों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात् माता जी का स्वास्थ्य और कमजोर होता गया और वे 5 अगस्त, 2018 को लगभग सायं 5.15 बजे नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गये। उसी शाम से उनके शरीर को ग्राउंड नं. 8 में अंतिम दर्शनों के लियेरखा गया और यह कार्यक्रम आज सुबह तक चलता रहा। अनुमान है कि दिन-रात दर्शन करने वालों की संख्या पांच लाख से भी अधिक रही।                 आज निगम बोध घाट पर भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण मंत्री श्री हर्षवर्धन ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।                 माता सविंदर हरदेव जी के जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिये संत निरंकारी मिशन की ओर से प्ररेणा दिवस भी आज हीमनाया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कर रहे हैं। ——————————————————–

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लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई

लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई  अंतिम संस्कार किया गया निगम बोध घाट पर                 चण्डीगढ 8 अगस्त : अल्फा  न्यूज़ इंडिया :—- निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी महाराज को आज दिल्ली में लाखों श्रद्धालु भक्तों द्वारा अत्यंत भक्तिभाव से विदाई दी गई। इस अवसर पर चण्डीगढ मोहाली पंचकुला से भी सैक्डों सेवादल और हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हंुए।उनकी अंतिम यात्रा प्रातः9.30 बजे बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नं.8 से प्रारंभ हुई और दोपहर लगभग 1.00 बजे निगम बोध घाट पर पहुंची।                 अंतिम यात्रा ने वास्तव में एक शोभा यात्रा का ही रूप धारण कर लिया। माता जी का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित एक खुलेवाहन पर रखा गया जिस पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा उनकी दोनों बहने एवं गुरु परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। इससे पहले सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा माता सविंदर हरदेव जी की दो अन्य सुपुत्रियों ने शाल भेंट करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।समस्त साध संगत की ओर से संत निरंकारी मंडल के अध्यक्ष श्री गोबिन्द सिंह जी तथा अन्य प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूषों ने भी शालतथा फूलों के गुलदस्ते भेंट करके अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इनमें बहुत से महापुरूष दूर-देशों से आए थे।                 लगभग 10 किलोमीटर लम्बी इस यात्रा में संत निरंकारी मिशन की परंपराओं के अनुसार सबसे आगे भारत तथा दूरदेशों केसेवादल सदस्य और उनके पीछे देश तथा दूरदेशों से आये हुए प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूष सफेद दुपट्टा पहन कर चल रहे थे। रास्ते मेंसड़कों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने खड़े होकर माता सविंदर हरदेव जी महाराज को स्नेहपूर्वक विदाई दी। अंतिमसंस्कार की औपचारिकता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा गुरु परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माता जी की बड़ी सुपुत्री समता जी केबेटे हार्दिक जी ने निभाई।                 माता सविंदर हरदेव जी महाराज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे परंतु उन्होंने इसे मिशन की गतिविधियों में बाधा का कारणबनने नहीं दिया। उन्होंने दो वर्ष से भी अधिक संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में मार्गदर्शन किया और 16 जुलाई, 2018को अपनी सबसे छोटी सुपुत्री सुदीक्षा जी को मिशन की बागडोर सौंप दी। औपचारिक समारोह 17 जुलाई, 2018 को सम्पन्न हुआ जिसमें देशतथा दूर देशों से आये लाखों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात् माता जी का स्वास्थ्य और कमजोर होता गया और वे 5 अगस्त, 2018 को लगभग सायं 5.15 बजे नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गये। उसी शाम से उनके शरीर को ग्राउंड नं. 8 में अंतिम दर्शनों के लियेरखा गया और यह कार्यक्रम आज सुबह तक चलता रहा। अनुमान है कि दिन-रात दर्शन करने वालों की संख्या पांच लाख से भी अधिक रही।                 आज निगम बोध घाट पर भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण मंत्री श्री हर्षवर्धन ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।                 माता सविंदर हरदेव जी के जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिये संत निरंकारी मिशन की ओर से प्ररेणा दिवस भी आज हीमनाया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कर रहे हैं। ——————————————————–

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लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई

लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई   अंतिम संस्कार किया गया निगम बोध घाट पर                 चण्डीगढ 8 अगस्त : अल्फा  न्यूज़ इंडिया :—– निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी महाराज को आज दिल्ली में लाखों श्रद्धालु भक्तों द्वारा अत्यंत भक्तिभाव से विदाई दी गई। इस अवसर पर चण्डीगढ मोहाली पंचकुला से भी सैक्डों सेवादल और हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हंुए।उनकी अंतिम यात्रा प्रातः9.30 बजे बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नं.8 से प्रारंभ हुई और दोपहर लगभग 1.00 बजे निगम बोध घाट पर पहुंची।                 अंतिम यात्रा ने वास्तव में एक शोभा यात्रा का ही रूप धारण कर लिया। माता जी का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित एक खुलेवाहन पर रखा गया जिस पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा उनकी दोनों बहने एवं गुरु परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। इससे पहले सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा माता सविंदर हरदेव जी की दो अन्य सुपुत्रियों ने शाल भेंट करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।समस्त साध संगत की ओर से संत निरंकारी मंडल के अध्यक्ष श्री गोबिन्द सिंह जी तथा अन्य प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूषों ने भी शालतथा फूलों के गुलदस्ते भेंट करके अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इनमें बहुत से महापुरूष दूर-देशों से आए थे।                 लगभग 10 किलोमीटर लम्बी इस यात्रा में संत निरंकारी मिशन की परंपराओं के अनुसार सबसे आगे भारत तथा दूरदेशों केसेवादल सदस्य और उनके पीछे देश तथा दूरदेशों से आये हुए प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूष सफेद दुपट्टा पहन कर चल रहे थे। रास्ते मेंसड़कों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने खड़े होकर माता सविंदर हरदेव जी महाराज को स्नेहपूर्वक विदाई दी। अंतिमसंस्कार की औपचारिकता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा गुरु परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माता जी की बड़ी सुपुत्री समता जी केबेटे हार्दिक जी ने निभाई।                 माता सविंदर हरदेव जी महाराज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे परंतु उन्होंने इसे मिशन की गतिविधियों में बाधा का कारणबनने नहीं दिया। उन्होंने दो वर्ष से भी अधिक संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में मार्गदर्शन किया और 16 जुलाई, 2018को अपनी सबसे छोटी सुपुत्री सुदीक्षा जी को मिशन की बागडोर सौंप दी। औपचारिक समारोह 17 जुलाई, 2018 को सम्पन्न हुआ जिसमें देशतथा दूर देशों से आये लाखों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात् माता जी का स्वास्थ्य और कमजोर होता गया और वे 5 अगस्त, 2018 को लगभग सायं 5.15 बजे नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गये। उसी शाम से उनके शरीर को ग्राउंड नं. 8 में अंतिम दर्शनों के लियेरखा गया और यह कार्यक्रम आज सुबह तक चलता रहा। अनुमान है कि दिन-रात दर्शन करने वालों की संख्या पांच लाख से भी अधिक रही।                 आज निगम बोध घाट पर भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण मंत्री श्री हर्षवर्धन ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।                 माता सविंदर हरदेव जी के जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिये संत निरंकारी मिशन की ओर से प्ररेणा दिवस भी आज हीमनाया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कर रहे हैं। ——————————————————–

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INAUGURAL FUNCTION AT GGSCW-26, CHANDIGARH

 INAUGURAL FUNCTION AT GGSCW-26, CHANDIGARH  CHANDIGARH ; 7TH AUG. : ALPHA NEWS INDIA ;—-Guru Gobind Singh College for Women, Sector 26, Chandigarh, today held its inaugural function in Mata Ganga Auditorium, to seek the blessings of the Almighty for the new academic session. On this occasion Shabad Kirtan was recited. The Principal, Dr. Jatinder Kaur, extended a…

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ट्राइसिटी से भी हजारों की तादाद में निरंकारी आस्थावान श्रद्धालु दिल्ली जायेंगे दिवंगत पूज्यात्मा के अंतिम दर्शनों के लिये

निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी के अंतिम दर्शनों को लाखों श्रद्धालु भक्त निरंतर आ रहे हैं : प्रवक्ता                  चण्डीगढ :  6 अगस्त : अल्फ़ा न्यूज इंडिया :— चण्डीगढ, पंचकुला, मोहाली से भी हजारों की संख्या में  श्रद्धालु भक्त अंतिम दर्शनों के लिये जा रहे है औरनिरंकारी मिशन के मिडिया प्रभारी श्री कृपा सागर जी ने बताया कि लाखों निरंकारी श्रद्धालु भक्त पूज्य माता सविंदर हरदेव जी के अंतिम दर्शनों केलिये दिल्ली आ रहे हैं। उन्होंने कल सायं लगभग 5.15 बजे अंतिम स्वास लिये। अभी तक 1.5 से 2 लाख श्रद्धालु भक्त आज शाम तक निरंकारी माताजी के अंतिम दर्शन करके अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर चुके हैं। उनका पार्थिव शरीर बुराड़ी रोड, ग्राउंड नं. 8 में कल रात से ही दर्शनों के लिये रखा गया।                   इसके साथ ही केन्द्रीय योजना एवं सलाहकार बोर्ड और संत निरंकारी मण्डल की कार्यकारिणी समिति एवं गुरु परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे। निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने भी श्रद्धालु भक्तों को अपना पावन आशीर्वाद प्रदान किया।                 अन्य धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों में एक प्रतिनिधि मण्डल संत कृपाल आश्रम से भी आया और अपना सम्मान अभिव्यक्त किया। माता सविंदर हरदेव जी महाराज 13 मई, 2016 को बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के कनाडा में एक कार दुर्घटना में अचानक ब्रह्यलीन होने पर संत निरंकारी मिशन के सद्गुरु के  रूप में प्रगट हुये। निराकार सद्गुरु की शक्तियां तो उनके घट में उसी क्षण आ गई परंतु आप ने साध संगत के समक्ष 17 मई को दिल्ली के समागम ग्राउंड नं.8 में साकार रूप में दर्शन दिये।  16 जुलाई, 2018 को सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज ने घोषित किया कि आज से सद्गुरु रूप में मिशन की बागडोर सुदीक्षा जी संभालेंगे।17 जुलाई को एक विशाल सत्संग कार्यक्रम में उन्होंने औपचारिक रूप से सुदीक्षा जी को तिलक लगाया और सद्गुरु के पावन आसन पर बिठाया। उसकेपश्चात् उन्होंने निरंकारी सद्गुरु की आध्यात्मिक शक्तियों का प्रतीक सफेद दुपट्टा भी पहनाया। सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज स्वास्थय तो काफी समय से ठीक नहीं था परंतु उन्होंने दो वर्ष तक मिशन को आगे बढ़ाने में इसे किसी प्रकारकी रूकावट नहीं बनने दिया। 16 जुलाई से उनका स्वास्थय गंभीर रूप धारण कर गया था परंतु उनका उपचार उनके निवास स्थान सत्संग भवन, संतनिरंकारी कालोनी में ही चलता रहा। दिल्ली में गत दो वार्षिक समागमों के अतिरिक्त, महाराष्ट्र के दो समागम मुम्बई में और उत्तर-पूर्वी राज्यों के दो समागम कोलकत्ता और सिलीगुड़ी मेंसद्गुरु माता जी की पावन अध्यक्षता में आयोजित किये तथा साध संगत को भरपूर आशीर्वाद प्रदान किये। एक उत्तर प्रदेश का राज्य-स्तरीय समागमभी वाराणसी में उनकी अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। दिल्ली के दोनों भक्ति पर्व समागम, संत निरंकारी आध्यात्मिक परिसर, समालखा में आयोजितकिये गये। इस वर्ष के समागम पर तो उन्होंने इस परिसर के विकास कार्य का भी उद्घाटन किया। इनके अलावा सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज ने समय-समय पर लम्बी कल्याण यात्राओं द्वारा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडू, कर्नाटक,महाराष्ट्र, उडीसा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में साध संगत को अपना पावन आशीर्वाद प्रदान किया। हर स्थानपर भक्तों के समूह को देखकर ऐसा लगता था कि समागम ही होते जा रहे हैं। इसके अलावा, सद्गुरु माता जी ने अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, दुबई तथानेपाल में भी अनेक स्थानों पर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। इन आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सद्गुरु माता जी ने मानव सेवा के कार्यों की ओर भी पूरा ध्यान दिया। फरवरी 2017 में गुरु पूजा के अवसर परसंत निरंकारी चेरीटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में देश के 263 बड़े रेलवे स्टेशनों की सफाई की गई। इसी प्रकार 2018 में इसी दिन देश के 275 बड़ेशहरों में 635 सरकारी अस्पतालों की सफाई की गई। विश्व पर्यावरण दिवस, 5 जून, 2017 को फाउंडेशन के तत्वावधान में 8 ऐसे पर्वतीय स्थलों पर पौधे लगाये गये और सफाई की गई जहां ग्रीष्म ¬ऋतृूमें पर्यटक भारी संख्या में आते हैं। इसी दिन इस वर्ष 2018 में देश के 7 राज्यों में 14 पर्वतीय स्थलों पर यह अभियान चलाया गया। इनके अलावाटाइम्स ऑफ इंडिया तथा एन.डी.टी.वी. के पौधारोपण तथा सफाई अभियानों में मिशन के भक्तों ने उल्लेखनीय योगदान दिये। माता सविंदर हरदेव जी महाराज की प्रेरणा से 2017-18 में 514 रक्तदान शिविर आयोजित किये गये जो कि अपने आप में एक रिकार्ड था। इनमें83,341 यूनिट रक्तदान किया गया।  इसी प्रकार मानव एकता दिवस, 24 अप्रैल, 2018 को, एक ही दिन में 84 रक्तदान शिविर आयोजित किये गयेजहां 19,307 यूनिट रक्तदान किया गया। सद्गुरु माता जी के आध्यात्मिक तथा मानव कल्याण के लिये किये गये योगदान की सराहना करते हुए अमेरिका स्थित एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था ’वी केयरफार हयूमेनिटी’ ;ॅम ब्ंतम वित भ्नउंदपजलद्धद्वारा उन्हें 2018 के लिये सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक विभूति का सम्मान प्रदान किया गया। यह अवार्डउनकी ओर से संत निरंकारी मंडल के सचिव, परम पूज्य श्री सी.एल. गुलाटी जी ने, 28-29 जुलाई, 2018 को, कोलकाता में ओयाजित एक विशेषसमारोह में प्राप्त किया। माता सविंदर हरदेव जी महाराज का जन्म 12 जनवरी, 1957 को श्री मनमोहन सिंह जी तथा माता अमृत कौर जी के परिवार में हुआ जो उस समयरोहतक रोड, दिल्ली के निवासी थे। बाद में यह परिवार यमुना नगर, हरियाणा में रहने लगा। कुछ ही समय पश्चात् शहनशाह बाबा अवतार सिंह जी केआशीर्वाद से सविंदर जी को फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश के निवासी श्री गुरुमुख सिंह जी तथा माता मदन जी ने गोद ले लिया। अतः सविंदर जी की प्रारंभिकशिक्षा फर्रुखाबाद में ही हुई और वर्ष 1966 में उन्हें कान्वेंट ऑफ जीसस एंड मेरी स्कूल मसूरी में भेजा गया जहां से उन्होंने उच्च माध्यमिक कीपरीक्षा 1973 में पास की। इसके पश्चात् उन्हें दिल्ली के दौलत राम कालेज में दाखिल किया गया परंतु 14 नवंबर, 1975 को 28वें वार्षिक निरंकारीसंत समागम के अवसर पर उनका विवाह एक सादा समारोह में बाबा हरदेव सिंह जी के साथ कर दिया गया। इस प्रकार सविंदर जी बाबा गुरबचन सिंहजी तथा निरंकारी राजमाता कुलवंत कौर जी की पुत्रवधु बनकर गुरु परिवार का अंग बन गई। जब बाबा हरदेव सिंह जी महाराज अप्रैल 1980 ने संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में बागडोर संभाली तो साध संगत ने सविंदर जीको ’पूज्य माता सविंदर जी’ के नाम से सम्बोधित करना आरंभ कर दिया। पूज्य माता जी 36 वर्षों तथा बाबा जी के साथ कंधे से कंधा मिला कर इसमिशन के प्रचार-प्रसार में योगदान देते रहे। वे बाबा जी तथा राजमाता जी के साथ सद्गुरु के मंच पर सुशोभित होते और साध संगत को भरपूर आशीर्वादप्रदान करते। बाबा जी की शायद ही कोई देश तथा दूर देशों की कल्याण यात्रा होगी जिसमें माता जी साथ न हों। पूज्य माता सविंदर जी ने बाबा हरदेवसिंह जी महाराज को पहले सद्गुरु माना और अपने पारिवारिक संबंधों को पीछे रखा। उनकी तीन सुपुत्रियां हैं – समता जी, रेणुका जी व सुदीक्षा जी।पूज्य माता जी उन्हें भरपूर प्यार देते रहे परंतु उसे मिशन के प्रचार-प्रसार के कार्यों में कभी भी बाधा नहीं बनने दिया। ——————————————————–

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