ईश्वर से जुड़कर प्रेम करना ही वास्तविक भक्ति है – निरंकारी सुदीक्षा जी महाराज
चण्डीगढ:-17 जनवरी: आरके विक्रमा शर्मा/करण शर्मा+ अनिल शारदा प्रस्तुति:— ‘‘ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के उपरांत हृदय से जब भक्त और भगवान का नाता जुड़ जाता है, तभी वास्तविक रूप में भक्ति का आरंभ होता है। हमें स्वयं को इसी मार्ग की ओर अग्रसर करना है, जहाँ भक्त और भगवान का मिलन होता है। भक्ति केवल एक…

