एकता और मर्यादा हर विपदा को हरने में होती है समर्थ और सबल:- पंडित कृष्ण मेहता
चंडीगढ़:-16 जून आरके विक्रमा शर्मा/करण शर्मा/अनिल शारदा प्रस्तुति:– एक सुनार से लक्ष्मी जी रूठ गई । जाते वक्त बोली मैं जा रही हूँ। और मेरी जगह नुकसान आ रहा है ।तैयार हो जाओ। लेकिन मैं, तुम्हें अंतिम भेट जरूर देना चाहती हूँ। मांगो जो भी इच्छा हो। सुनार बहुत समझदार था। उसने 🙏 विनती की…

