समय नहीं है, अरे मरने की भी फुर्सत नहीं है,कसम समय की
चंडीगढ़ 28 जून 25 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा हरीश शर्मा अश्वनी शर्मा रक्षत शर्मा प्रस्तुति——–बारह घंटे का सफ़र चार घंटे में सिमट गया, फिर भी एक आदमी कहता है –समय नहीं है बारह लोगों का परिवार दो लोगों में सिमट गया, फिर भी एक आदमी कहता है –समय नहीं है जो संदेश चार हफ़्ते…

