हास्य रस का रसीला काका हाथरसी की पुण्यतिथि पर स्मृति सुमन समर्पित
चंडीगढ़: 24 अगस्त: आरके विक्रमा शर्मा// करण शर्मा प्रस्तुति:– हास्य कवि श्री काका हाथरसी (असली नाम: प्रभुलाल गर्ग) *कविता: स्त्रीलिंग, पुल्लिंग* काका से कहने लगे ठाकुर ठर्रा सिंग, दाढ़ी स्त्रीलिंग है, ब्लाउज़ है पुल्लिंग। ब्लाउज़ है पुल्लिंग, भयंकर गलती की है, मर्दों के सिर पर टोपी पगड़ी रख दी है। कह काका कवि पुरूष वर्ग…

