देश भक्ति की राह दिल में लिए बैठी है बलिदान की थाह
*चंडीगढ़ 20 सितंबर अल्फा न्यूज इंडिया प्रस्तुति:— आज नथुराम गोडसे कविता मिली देखना ना भूले सच कया था* *वर्षों बाद किसी एक कवि ने दबे सच को फिर से उजागर करने की कोशिश की है !* *आप सभी साहित्य प्रेमी पाठकों के लिए कवि की मूल कविता नीचे विस्तार से लिखी गयी है !* *ये…

