कर्मों की गति से मिलते हैं मोक्ष, जटायु और भीष्म पितामह गति और दुर्गति का अंतर
चंडीगढ़ 31 अगस्त आरके विक्रमा शर्मा करण शर्मा प्रस्तुति:—-अंतिम सांस गिन रहे #जटायु ने कहा कि “मुझे पता था कि मैं #रावण से नही जीत सकता लेकिन फिर भी मैं लड़ा ..यदि मैं नही लड़ता तो आने वाली #पीढियां मुझे कायर कहतीं” जब रावण ने जटायु के दोनों पंख काट डाले… तो मृत्यु आई और…

