पाप और पुण्य कभी भगवान श्री कृष्ण जी से विमुख नहीं करता है -श्री जी
चंडीगढ़ 29 अगस्त आरके विक्रमा शर्मा प्रस्तुति- -सेवा पद्मपुराण में मनुष्य के पाप कर्मों का विश्लेषण किया गया है। ॐ और दिखाया गया है कि ये पापों के फल हैं। जो लोग सकाम कर्मों में लगे हुए हैं वे पाप पूर्ण कर्मों के विभिन्न रूपों एवं अवस्थाओं में फँसे रहते हैं। उदाहरणार्थ, जब बीज बोया…

