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चंडीगढ़ रविवार 26/07/2026 आर के विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा—- भारत माता की जय वंदेमातरम् हमारी सनातनी भारतभूमि के लिए हमारी अटूट विश्वास आस्था श्रद्धा और भक्ति का द्योतक है। विजय कारगिल दिवस भारतीय सेना के अद्वितीय पराक्रम, अटूट संकल्प, दृढ़ इच्छाशक्ति और अदम्य साहस का वह गौरवशाली अध्याय है। जो भारत के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, हाड़ कंपा देने जमा देने वाली ठंड, दुर्गम पहाड़ियों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और अद्भुत शौर्य का परिचय देते हुए देश की विजय सुनिश्चित की। कारगिल विजय हमारे वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण की अमर गाथा है। जब भी वीरता और बलिदान की चर्चा होती है, देवभूमि उत्तराखंड का नाम भी राजस्थान हिमाचल प्रदेश कश्मीर और पंजाब हरियाणा आदि सहित गर्व के साथ लिया जाता है। प्रदेश के लगभग हर दूसरे घर का कोई न कोई सदस्य भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। इसी कारण उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। मीडिया जंक्शन के वरिष्ठ प्रबंधक पत्रकार विक्रांत शर्मा ने आज अल्फा न्यूज़ इंडिया से औपचारिक रूप से कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने की जानकारी सांझा करते हुए साझा कहीं । इन अमर सपूतों का बलिदान प्रदेश और देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। कारगिल युद्ध में हर बलिदानी और उनके परिवारों को कृतज्ञतापूर्वक राष्ट्र का कोटि-कोटि नमन है।।। कारगिल युद्ध में विजय शंखनाद से हर असली सनातनी हिंदू भारतीय का गर्व से भाल चमक उठता है।।



