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चंडीगढ़ 09 जनवरी 2026 अल्फा न्यूज इंडिया प्रस्तुति—- सूबा पंजाब की सरकारी आईटीआई में कार्यरत 700 कच्चे इंस्ट्रक्टरों ने वर्ष 2025 की 22 दिसंबर से धरना लगाया हुआ है। आज धरने का 19वां दिन हैl जिसमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हुईं। संगठन के नेता राजिंदर सिंह, सेवा सिंह, नवनीत सिंह, जसविंदर सिंह और सुखराज सिंह ने बताया कि इससे पहले तरनतारन में लगे पक्के मोर्चे में यह फैसला किया था कि यदि पंजाब सरकार ने वादे के अनुसार उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो वे तकनीकी शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ के मुख्यालय पर पक्का धरना लगाएंगे। इसी के तहत संगठन ने 22 दिसम्बर -2025 से संस्थानों का सारा कार्य (प्रशिक्षण कार्य, सभी पोर्टलों का कार्य, वेरिफिकेशन का कार्य, दफतरी कार्य, ईएमसी ऐप का कार्य) पूरी तरह बंद कर तकनीकी शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ के मुख्यालय पर पक्का मोर्चा शुरू किया हुआ है। लेकिन आज तक सरकार ने बातचीत करना उचित नहीं समझा। इसके विरोध में संघर्ष को और तेज करते हुए आज मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र धूरी में रोष रैली की गई l जिसमें पंजाब की नामी और बड़ी भ्रातृ संगठनों ने खुला समर्थन दिया।इससे पहले उपचुनावों के दौरान तरनतारन में पक्का मोर्चा लगाया गया थाl जहां तकनीकी शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री के साथ पैनल बैठकों में यह आश्वासन दिया गया था कि 20-12-2025 तक मांगें पूरी कर दी जाएंगी। मंत्री बरिंदर कुमार गोयल स्वयं धरने में उपस्थित होकर कह चुके थे कि वे बहुत जल्द मुख्यमंत्री से मिलकर समस्याओं का समाधान करवाएंगेl लेकिन पिछले 3.5 वर्षों से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।नेताओं ने बताया कि वे लंबे समय से पंजाब की सरकारी आईटीआई में ग्रुप-बी क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर के रूप में बिना किसी सरकारी सुविधाओं के ठेके पर मात्र 15,000 रुपये प्रति माह पर काम कर रहे हैं। उनकी भर्ती विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार पारदर्शी तरीके से अखबारों में विज्ञापन देकर तथा रोजगार कार्यालयों के माध्यम से की गई है। वे भारत सरकार के डीजीटी द्वारा निर्धारित सभी शैक्षणिक योग्यताओं को पूरा करते हैं, फिर भी पंजाब सरकार द्वारा उनके साथ खुलेआम अन्याय किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि पिछले 3.5 वर्षों से वे बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा सहित अन्य कैबिनेट मंत्रियों से कई बार मुलाकात की गईl लेकिन किसी ने भी उनकी बात पर ध्यान नहीं दियाl और हर बार केवल आश्वासन ही देते रहे। इसके अलावा, “आम लोगों के मुख्यमंत्री” कहे जाने वाले भगवंत मान की सरकारी कोठी के 50-60 चक्कर लगाने के बावजूद आज तक एक मिनट का भी समय नहीं दिया गया। अंत में संगठन ने निर्णय लिया कि यदि अब भी सरकार ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो आने वाले दिनों में अन्य कैबिनेट मंत्रियों की कोठियों का भी घेराव किया जाएगाl तथा मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र धूरी में पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। धरने में पहुंची भ्रातृ संगठनों ने भी भविष्य में खुला समर्थन देने की घोषणा की। मुख्य मांगें पंजाब सरकार सरकारी आईटीआई में इस समय ठेके पर कार्यरत सभी 700 क्राफ्ट इंस्ट्रक्टरों को विभाग के अधीन रिक्त पदों के विरुद्ध बेसिक वेतन 35,400 रुपये पर नियमित या ठेके पर मर्ज कर नियुक्त करे।वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के पास वेतन एवं छुट्टियों से संबंधित लंबित ई-फाइल को तुरंत स्वीकृत कर अगस्त 2024 से बनता एरियर दिया जाए।नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को तुरंत पुनः ज्वाइन कराया जाए।700 क्राफ्ट इंस्ट्रक्टरों को पक्का किए जाने तक संस्थानों में चल रही गेस्ट फैकल्टी की भर्ती तुरंत बंद की जाए।सर्विस बुक लागू की जाए।

