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चंडीगढ़ मुंबई 05 दिसंबर 2026 आर विक्रमा शर्मा अनिल शारदा पंकज राजपूत अश्विनी शर्मा प्रस्तुति—- तक़रीबन 04 दशक साल पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, तो सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री तक, केंद्र में इंदिरा गांधी और महाराष्ट्र में अब्दुल रहमान अंतुले एक हाथ में सत्ता में थे…
फिर एक चाल चली गई, जिसे ‘हिंदू भूल गए’ उस समय सरकार ने शहीद नौसेना सैनिकों की विधवाओं के लिए एक NGO ट्रस्ट शुरू किया। जिसमें अब्दुल अंतुले की सलाह पर सायरा बानो को मानद सदस्य बनाया गया। बाद में ‘सायरा बानो बेगम’ को भी संगठन का प्रमुख बनाया गया। बाद में सारी पावर इस बेगम के पति, एक्टिंग बादशाह ((?)) ‘यूसुफ खान’ के हाथ में आ गई, जिन्हें हिंदू दिलीप कुमार कहा जाता है… दो साल में ऑडिट के बाद पता चला कि शहीद सैनिकों की विधवाओं के लिए सरकार की तरफ से जमा किए गए ‘140 करोड़ रुपये’ का कोई हिसाब नहीं था…. और यह रकम ट्रस्ट के हेड के पति यूसुफ खान (दिलीप कुमार) के अकाउंट में जमा कर दी गई थी। जैसे ही यह खबर अखबार में लीक हुई, अगले दिन चीफ ऑडिट ऑफिसर की अचानक मौत हो गई। जिस तरह कांग्रेस के राज में कई देशभक्त नागरिकों को मारा गया… इससे सबको यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार की….शानदार एक्टिंग याद आ गई!! 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से पहले, उसी यूसुफ-सायरा बंगले के बेसमेंट से एक हाई फ्रीक्वेंसी रेडियो ट्रांसमीटर जब्त किया गया था। यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार ने अपनी मौत के समय वक्फ बोर्ड को कुल 98 करोड़ रुपये कैश – अचल संपत्ति और चल संपत्ति दी थी। खैर;…. हिंदुओं, सिर्फ़ प्याज़ – सब्ज़ी – पेट्रोल के बढ़ते दामों पर ध्यान दो।

