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चंडीगढ़ मोहाली 11 दिसंबर 2025 हरीश शर्मा अनिल शारदा पंकज राजपूत प्रस्तुति— सेवा केंद्रों की बदहाली पर भाजपा ने मुख्यमंत्री के नाम डीसी को सौंपे मांग–पत्र बंद पड़े सेवा केंद्रों के कारण लोग भटकने को मजबूर:हैं – संदीप अग्रवाल ने ये हुंकार भरी. सेवा केंद्र बने शर्मनाक केंद्र बोलते हुए संदीप अग्रवाल ne हैरानी जताई कि 500 से अधिक सेवाएँ देने की बातें महज़ दिखावा हैँ.Q प्रदेश सरकार की बदइंतज़ामी के चलते ज़िले के अनेक सेवा केंद्रों की शर्मनाक दुर्दशा, बंद पड़े केंद्रों, गोबर की पाथियों पर चल रही सरकारी सेवाओं और गायब सरकारी मशीनरी को लेकर भाजपा ने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली को उजागर करते हुए डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांग–पत्र भेजकर जनमुद्दों पर ध्यान देने की मांग की। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश नेता संदीप अग्रवाल ने कहा कि पंजाब के सेवा केंद्र लोगों को सुविधाएँ देने के लिए बनाए गए थे, लेकिन मौजूदा हालातों ने इन्हें शर्म के केंद्र बना दिया है। सरकार की लापरवाही के कारण गाँवों के गरीब लोग अपने रोज़मर्रा के सरकारी कामों के लिए दूर-दूर तक चक्कर काटने को मजबूर हैं। कहीं ताले लटके हैं, कहीं पूरा सामान गायब है, और कई सेवा केंद्र तो स्टोर रूम बन चुके हैं, जबकि कई जगह उपले पाथियाँ संभालने के काम आ रहे हैं। संदीप अग्रवाल ने अल्फा न्यूज इंडिया को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए जानकारी देते हुए बताया कि यह लोगों के अधिकारों की सीधी लूट है। सरकार सिर्फ़ 500 सेवाएँ देने के दावे करती है, लेकिन ज़मीन पर सिर्फ़ ताले नजर आते हैं। अग्रवाल ने कड़ी मांग करते हुए कहा कि बठिंडा के 34 सेवा केंद्रों की तुरंत उच्च–स्तरीय जाँच करवाई जाए। जिन केंद्रों में सरकारी सामान चोरी या गायब है, वहाँ मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाए। आशुतोष तिवाड़ी ने बंद केंद्रों को तुरंत चालू करने, तकनीकी उपकरण उपलब्ध करवाने, योग्य कर्मचारियों की तैनाती और इस पूरे मामले पर राज्य–स्तरीय श्वेत–पत्र (White Paper) जारी करने की मांग की। इस मामले में ज़िम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। आशुतोष तिवाड़ी और सुनील त्रिपाठी ने कहा कि सेवा केंद्रों की पूरी व्यवस्था ढह चुकी है। गाँवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर सरकार तुरंत कार्रवाई नहीं करती तो भाजपा सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को तीखे रूप में उठाएगी। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ी तो बड़ा संघर्ष खड़ा किया जाएगा।

