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चंडीगढ़ मुंबई गाजियाबाद 12 जून 25– अनिल शारदा पंकज राजपूत अरुण कौशिक दिलीप शुक्ला — मोबाइल नंबर से एक मोबाइल पर फोन आता है। फोन जैसे ही उठाया जाता है आंखों के आगे जो कुछ घटता है। और उसके बाद जो वार्तालाप होती है। सुनकर सभी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यहां तक कि पुलिस वकील और न्याय पालक भी सकते में जाते हैं। फलों की यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी हजारों घटनाओंने समाज में बेहूदगी के साथ जुल्मों सितम का नंगा नाच नाचा है। हरियाणा के ब्रेस्ट पत्रकार के साथ भी यह शर्मनाक घटना घट चुकी है। इस बाबत पुलिस में बाकायदा केस दर्ज है। और केस अब कोर्ट में है। सेवा के भी सुना सहित डॉक्टर वकील और अनेकों बड़े इंडस्ट्रीज उद्योगपति राइस और खानदानी लोग इस षड्यंत्र का शिकार हो चुके हैं। और साइबर क्राइम सेल इन साजिशों से निपटने में नौसिखिए ही साबित हुए हैं। दो प्रति की राजधानी चंडीगढ़म भी इन षड्यंत्र का शिकार होने वालों की संख्या ज़्यादा है। वेल एजुकेटेड सिटी के पढ़े-लिखे लोगों को आसानी से शिकार बनाया गया है तो अनपढ़ हा लोगों की तो बात ही छोड़ दो।

