![]()
चंडीगढ़ 31.05.2025 आरके विक्रमा शर्मा हरीश शर्मा अनिल शारदा प्रस्तुति——कम्युनिटी सेंटर्स को पीपीपी मोड पर देना एवं रेट्स में वृद्धि का प्रस्ताव – आम जनता के हित में नही है. उद्योग व्यापार मंडल चंडीगढ़ के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन, सचिव नरेश कुमार गोयल एवं विजय पाल सांगवान ने नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न कम्युनिटी सेंटर्स के उपयोग शुल्क में वृद्धि तथा कुछ सेंटर्स को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर निजी कंपनियों को सौंपने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है ।आज यहां जारी एक संयुक्त बयान में उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव जनहित के विरुद्ध है और कम्युनिटी सेंटर्स की मूल भावना को पूरी तरह नकारता है।कम्युनिटी सेंटर्स का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेषकर मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के नागरिकों को सुलभ, सस्ती और गरिमापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा है। ये केंद्र विवाह, सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बनाए गए हैं, न कि लाभ कमाने के साधन के रूप में।यदि इन्हें पीपीपी मोड के तहत निजी कंपनियों को सौंपा गया, तो ये केंद्र व्यावसायिक इकाइयों में तब्दील हो जाएंगे और होटल की तर्ज पर संचालित होंगे। इससे आम नागरिकों के लिए इनका उपयोग करना अत्यधिक महंगा हो जाएगा, जो जनता के टैक्स से बने संसाधनों का सीधा दुरुपयोग है।उक्त पदाधिकारियों ने मांग की है कि:1. कम्युनिटी सेंटर्स के उपयोग शुल्क में प्रस्तावित वृद्धि को तुरंत रद्द किया जाए।2. किसी भी कम्युनिटी सेंटर को पीपीपी मोड पर निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए।3. इन सेंटर्स का उपयोग केवल समाज सेवा एवं जनसुविधा के लिए ही सुनिश्चित किया जाए।इस अवसर पर कैलाश चंद जैन ने स्पष्ट रूप से कहा कि कम्युनिटी सेंटर्स को लाभ कमाने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का केंद्र बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने सभी नगर निगम पार्षदों से अपील की कि वे जनभावनाओं का सम्मान करें और इस प्रकार के जनविरोधी प्रस्तावों का समर्थन न करें।


