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चंडीगढ़16/03/2025– रक्षत शर्मा अनिल शारदा हरीश शर्मा अश्वनी शर्मा प्रस्तुति — श्री महाकाल भैरव अखाड़ा संघ के राष्ट्रीय प्रचारक एवं विश्व हिन्दू परिषद चंडीगढ़ पंजाब प्रांत के पूर्व सोशल मीडिया प्रभारी ने प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय में पत्र लिख कर सभी केन्द्रीय शासित प्रदेश में एक प्रदेश से दूसरे केन्द्रीय शासित प्रदेश में स्थानांतरण नीति की मांग रखी ।
महंत मनोज शर्मा ने बताया कि काफी लंबे से समय पुलिस प्रणाली में बदलाव को लेकर देश के लोगों में बहुत सी बातें चल रही हैं। हालांकि सरकार ने न्याय व्यवस्था में बदलाव लाकर इसमें एक शुरुआत भी कर दी। सरकार के इस साहसिक कदम से लोगों के मन में पुलिस व्यवस्था में भी बदलाव की व्यापक उम्मीद जागी है। लोगों की इस उम्मीद को सही साबित करने के लिए महंत मनोज शर्मा ने केन्द्र सरकार से पत्र लिखकर सभी केंद्र शासित प्रदेश में पुलिस बल की स्थानांतरण नीति में बदलाव की मांग की है।
उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बहुत ही छोटे है। ऐसे में पुलिस स्थानांतरण नीति की वहां पर बहुत जरूरत है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ सबसे छोटा केन्द्रीय शासित प्रदेश है। अक्सर कई पुलिसकर्मी बरसों से स्थानांतरण की नीति में ही नहीं आए। वो कई सालों से एक ही पुलिस थाना क्षेत्र में तैनात रहते है। ऐसे में उन पुलिसकर्मियों के मन से बदली का भय बिल्कुल ही निकल चुका होता है। वैसे
भी वो जानते है कि चंडीगढ़ पुलिस में स्थानांतरण का मतलब है एक थाना से दूसरे थाना जोकि लगभग 3 किलोमीटर से 12 किलोमीटर की दूरी में स्थानांतरण होगा। ऐसे में कई बार पुलिस कर्मी अपनी मन मर्जियां भी करते पाए गए। ऐसे में कई बार ऐसे पुलिसकर्मी आम लोगों की मदद करने के बजाय उनके लिए समस्या और खड़ी करने में भी लग जाते हैं । यही नहीं कई बार तो पुलिस कर्मी अपने अधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने में भी गुरेज नहीं करते। जिसके चलते मेरी केन्द्र सरकार से मांग है कि सभी केन्द्रीय शासित प्रदेश में सिपाही पद से लेकर उच्च अधिकारियों की एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में बदली की जाए। ताकि इससे प्रदेश में कानूनी व्यवस्था और अधिक सुचारू रूप से चले।
वहीं, उन्होंने कहा कि वैसे भी केन्द्र सरकार यूसीसी यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि समान नागरिक संहिता को पूरे देश में लागू करने जा रही है। ऐसे में सभी केन्द्रीय शासित प्रदेश में एक प्रदेश से दूसरे केन्द्रीय शासित प्रदेश में स्थानांतरण नीति में बदलाव की बहुत ज्यादा जरूरत है।


