![]()
चंडीगढ़ मंगलवार 24-3-2026 अल्फा न्यूज़ इंडिया प्रस्तुति-साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए खुशखबरी की बात यह है कि साइबर फ्रॉड मामलों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों को जमानत तभी मिल सकती है, जब उनके खाते में आई ठगी की रकम या तो पीड़ित को लौटाई जाए या फिर कोर्ट में एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट) के रूप में जमा कराई जाए। कोर्ट ने इसे पीडितों को तत्काल राहत देने की दिशा में जरूरी कदम बताया है। जस्टिस संजय वशिष्ठ की पीठ ने कहा कि जिस रकम के आरोपी के खाते में जमा होने पर कोई विवाद नहीं है, उसे या तो शिकायतकर्ता को वापस किया जाए या ब्याज सहित एफडीआर के रूप में कोर्ट में जमा कराया जाए, ताकि जल्द निपटारा हो सके।पीड़ित को लंबी आपराधिक प्रक्रिया का इंतजार नहीं कराया जा सकता।हाईकोर्ट ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को राहत देने के लिए लंबी आपराधिक प्रक्रिया का इंतजार नहीं कराया जा सकता। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था में ऐसा कोई त्वरित कानूनी तंत्र नहीं है, जिससे पीड़ित तुरंत अपनी रकम वापस पा सके। कोर्ट ने टिप्पणी की कि लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के चलते बैंक खाताधारकों में अपनी मेहनत की कमाई को लेकर असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाना और प्रभावी रोकथाम जरूरी है।


