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चंडीगढ़ नयी दिल्ली-05/03/2026 अल्फा न्यूज़ इंडिया प्रस्तुति—भारत के| सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि न्यायाधीशों को अपने फैसले देते समय करियर पर पड़ने वाले प्रभाव की चिंता नहीं करनी चाहिए। भले ही अलोकप्रिय निर्णय पदोन्नति या कार्यकाल विस्तार को प्रभावित करें, फिर भी उन्हें अपने पद की शपथ और ‘न्यायिक धर्म का पालन करना चाहिए। केरल हाईकोर्ट में जस्टिस टीएस कृष्णमूर्ति अय्यर स्मृति व्याख्यान में उन्होंने ‘परिवर्तनकारी संवैधानिकता’ के संदर्भ में न्यायिक समीक्षा के महत्व पर विचार रखे।। उनके उक्त स्पष्ट कथन की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।।

