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चंडीगढ़ 02 फरवरी 2026 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा हरीश शर्मा रक्षत अश्वनी शर्मा प्रस्तुति—-सनातन धर्म में विक्रम संवत के अनुसार 12 महीने होते हैं और फाल्गुन हिंदू कैलेंडर में साल का आखिरी महीना होता है। इसके बाद चैत्र के महीने की शुरुआत हो जाती है जिसे सनातन धर्म में नववर्ष का आरंभ माना जाता है। उत्तर भारत में फाल्गुन मास से ग्रीष्म ऋतु का आगमन होने लगता है।चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, उसी नक्षत्र के आधार पर उस मास का नाम रखा जाता है। फाल्गुन मास के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस सार यह मास कब शुरू हो रहा है, इसका फाल्गुन नाम कैसे पड़ा, इसका महत्व क्या है और इस महीने में कौन से बड़े व्रत-त्योहार पड़ रहे हैं। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को चंद्रमा फाल्गुनी नक्षत्र में रहता है, इसलिए इस मास को फाल्गुन मास कहा जाता है। उत्तर भारत में फाल्गुन मास से धीरे-धीरे गर्मियां शुरू होने लगती हैं। सनातन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहार होली और महाशिवरात्रि फाल्गुन के महीने में आते हैं। होली के साथ ही एक सौर वर्ष का समापन होता है। सौर धार्मिक कैलेंडर में, फाल्गुन का महीना सूर्य के मीन राशि में गोचर के साथ आरंभ होता है। फाल्गुन मास 02 फरवरी, 2026 को शुरू होगा और 02 मार्च, 2026 को इस मास का समापन होगा। इस मास में महाशिवरात्रि, होली जैसे व्रत-त्योहार आते हैं। इस दौरान आमलकी एकादशी भी पड़ती है।फाल्गुन मास 2026 का महत्व,,,फाल्गुन मास में कई बड़े तीज त्योहार आते हैं। इस महीने का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह महीना श्री हरि भगवान विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है। शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु से संबंधित त्योहार आमलकी एकादशी का व्रत किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन माह में ही चंद्रदेव का जन्म हुआ था इसलिए इस माह में चंद्रदेव की पूजा करना बेहद लाभकारी माना जाता है। गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपनी योग्यता के अनुसार शुद्ध घी, सरसों का तेल, अनाज, वस्त्र आदि दान करना शुभ होता है। इससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है और साथ ही पितरों की आत्मा को शांति भी मिलती है।फाल्गुन के महीने में कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व आता है। भगवान शिव की उपासना करने के लिए इस दिन को बहुत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। फाल्गुन महीने में ही चंद्रमा का जन्म हुआ था। फाल्गुन में ही हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार होली का पर्व भी पड़ता है।इस महीने में प्रकृति करवट लेती है और धार्मिक दृष्टि से भी इसका बहुत महत्व है क्योंकि इस दौरान होली, महाशिवरात्रि, रंगभरी एकादशी आदि व्रत-त्योहार आते हैं। इस मास में मां लक्ष्मी, श्रीकृष्ण, भगवान शिव और चंद्र द्रेव की उपासना की जाती है। यही वजह है कि फाल्गुन मास को भक्ति, साधना और पुण्य कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।फाल्गुन मास में शिवलिंग पर जल चढ़ाएंफाल्गुन का महीना शिव की पूजा करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान आप सफेद वस्तुओं का दान करें। आप सफेद फूल, दही, शंख, चीनी, चावल, सफेद चंदन और सफेद रंग के वस्त्रों का दान करना भी शुभ रहता है। फाल्गुन मास 2026 में हर सोमवार को भगवान शिव के लिए व्रत रखें। इस महीने की पूर्णिमा तिथि को चंद्रमा के दर्शन करते हुए चंद्र देव के मंत्रों का जाप करें। भगवान शिव को फाल्गुन मास बहुत प्रिय होता है इसलिए इस महीने में शिवलिंग की पूजा जरूर करें।

