गरीबों और कॉलोनियों का खैरख्वाह जोशी का परिवार मुख्यधारा में लौटा

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गरीबों और कॉलोनियों का खैरख्वाह जोशी के परिवार ने की वापसी राजनीति की मुख्यधारा में

चंडीगढ़ (29/01/2026 अल्फा न्यूज़ इंडिया प्रस्तुति) सौरभ जोशी ने चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में शानदार जीत हासिल करके महापौर बनने से चंडीगढ़ में कॉलोनियों का मसीहा के नाम से मशहूर जयराम जोशी के परिवार की शहर की राजनीति की मुख्यधारा में वापिसी हुई है। चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष रहे स्वर्गीय जयराम जोशी ने चंडीगढ़ की कॉलोनियों में भाजपा की जड़ें मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किए थे। व वह कॉलोनी वासियों के सुख दुःख में शामिल होने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। कॉलोनीवासियों में उनकी इतनी लोकप्रियता थी कि उन्हें कॉलोनियों का मसीहा कहा जाने लगा। उनके सुपुत्रों विनीत जोशी व सौरभ जोशी ने भी अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया, परन्तु चंडीगढ़ की राजनीति में उनका परिवार कई वर्षों तक हाशिये पर रहा। बाद में विनीत जोशी ने पंजाब की राजनीति में कदम रखा व अपनी एक मजबूत जगह बनाई, वहीं बचपन से ही संघ की शिक्षा-दीक्षा में पले-बढ़े व सर्व हितकारी स्कूल से प्राथमिक शिक्षा हासिल करके सौरभ जोशी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के जरिए पंजाब विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में कदम रखा व चुनाव भी लड़ा। बाद में वर्ष 2011 में पहली बार चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद चुने गए। दूसरी बार उन्हें वार्ड बदले जाने से नुकसान उठाना पड़ा, परन्तु वर्ष 2021 में उन्होंने अपने पुराने वार्ड से ही जीत हासिल करके निगम सदन में वापिसी की और अब कार्यकाल के अंतिम वर्ष में महापौर के पद पर आसीन होकर इतिहास रच दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार सौरभ जोशी संगठन की पसंद थे जबकि वरिष्ठ महापौर के पद पर जीते जसमनप्रीत सिंह अरुण सूद के ख़ास हैं। उधर उपमहापौर पद के लिए जीती सुमन संजय टंडन की करीबी हैं।संजय टंडन का मास्टर स्ट्रोकअपनी करीबी सुमन को आप पार्टी से वापिस भाजपा खेमे में लाना ही मेयर पद के चुनाव में तीनों भाजपा उम्मीदवारों की जीत के लिए संजय टंडन का मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ। सुमन के साथ-साथ पूनम के भी भाजपा में शामिल होने से विपक्षी खेमे में हड़कंप मच गया। मेयर चुनाव की घोषणा से ठीक पहले अपने दो पार्षदों को खोने से आप बैकफुट पर चली गई और भगदड़ की स्थिति में गठबंधन छिन्न-भिन्न हो गया।सौरभ जोशी की जीत से कॉलोनियों में भाजपा को होगा। फायदावर्ष 2021 के निगम चुनावों में शहर की अन्य सभी कॉलोनियों में भाजपा को करारी हार झेलनी पड़ी थी। व लगभग सारी सीटें आप के खाते में चली गई थीं। अब वैसे तो चंडीगढ़ में अधिकांश कॉलोनियां लुप्त हो गईं हैं परन्तु पुनर्वास कॉलोनियों में सौरभ जोशी के सक्रिय प्रयासों से भाजपा को मजबूती मिल सकती है।ll

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