गद्दार काफिर इस्लामिक जेहादियों का वजूद उसूल मंशा हश्र का सबब दूसरों का कत्ल और कत्ल

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चंडीगढ़ जेएंडके मुम्बई 22-01-2026 अनिल शारदा पंकज राजपूत एडवोकेट अनिल वबोरिया दिलीप शुक्ला प्रस्तुति—कश्मीर के महाराजा राजा हरिसिंह थे पाकिस्तानी सेना और अफरीदी कबीले के लोगों ने 500 ट्रकों पर सवार होकर मय हैवी असलाह कश्मीर पर हमला कर दिया डोगरा सेना के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल नारायण सिंह को समझदार लोगों ने राय दी थी कि पाकिस्तानी फौज से लड़ते समय डोगरा सेना के मोमिन अफसरों और जवानों को डोगरा सेना के साथ न भेजा जाए. परन्तु कर्नल नारायण सिंह ने मोमिन अफसरों और जवानों को यह कहते हुए हटाने से मना कर दिया कि मोमिन अधिकारी और जवान भी कश्मीरी हैं. किसी हालत में पीठ में छुरा नहीं भोकेंगे…!! मगर, उसी रात लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद असलम खान ने कर्नल नारायण सिंह की हत्या कर दी साथ ही साथ मोमिन सेना ने पूरी डोगरा कम्पनी की सोते समय धोखे से हत्या कर दी और पाकिस्तानी घुसपैठियो से मिलकर कश्मीर का पहला मोर्चा फतह कर लिया…!! वर्दी और तनख्वाह महाराजा की और महाराजा की ही सेना का नरसंहार कर दिया असलम खान ने, मीरपुर में 20000 हिंदुओं का नरसंहार किया गया पाकिस्तानी कबाइलियों और सेना ने साथ मे महाराजा की ही सेना के मोमिन जवान और अफसरों ने भी हिंदुओं के ऊपर बलात्कारों और हत्याओं की झड़ी लगा दी इन्ही लोगों ने मीरपुर कलेक्ट्रेट पर पाकिस्तान का झंडा फहरा दिया महाराजा हरिसिंह को अंधेरे में रखा गया, महाराजा ने डोगरा सेना के एक और कर्नल रहमतुल्लाह और मेजर नसरुल्लाह के नेतृत्व में राजौरी बचाने के लिए डोगरा सेना को भेजा…!! राजा हरिसिंह और कश्मीर की पीठ में फिर से छुरा भोंका गया कर्नल रहमतुल्लाह और मेजर नसरुल्लाह और उनके मोमिन जवानों ने महाराजा की डोगरा सेना में नियुक्त सभी गोरखा सैनिकों को मार डाला और पाकिस्तानी सेना और कबाइलियों के साथ मिलकर 27 अक्टूबर को राजौरी के बाहर चछेरा जंगल पर कब्ज़ा कर लिया गया हत्याकांड और बलात्कारों का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया महाराजा की डोगरा सेना के यह सभी मोमिन सेनाधिकारी सीधे पाकिस्तान की सेना से जुड़ गए और पाकिस्तान के लिए भारत के विरुद्ध युद्ध मे रत हो गए…!!50 % कश्मीर भारत से छीन लिया इन गद्दारों ने भारत और महाराजा हरिसिंह के विरुद्ध गद्दारी और हज़ारों हिंदुओं की हत्या और बलात्कारों के एवज़ में पाकिस्तान ने मोहम्मद असलम खान को ‘फक्र ए कश्मीर’ और ‘हिलाल ए जुर्रत’ का तमगा दिया कर्नल रहमतुल्लाह बाद में पाकिस्तानी सेना के ब्रिगेडियर बनकर रिटायर हुए मोमिन सेनाधिकारी और पूरी मोमिन बहुलता वाली महाराजा हरिसिंह की भारतीय बटालियन पाकिस्तान से मिल गई थी यह वही घटना है, जो कश्मीर में घटी थी जिसे बहुत कम लोग जानते हैं…!!और ऐसा नहीं कि ये पहली बार हुआ है ऐसा धोखा फुसलिमों से हिंदू सदियों से खाता आया है, खा रहा है और आगे भी खाता रहेगा क्योंकि उनका स्टैंड क्लियर है बस हिन्दू ही है उनका गांव चाटने में लगा हुआ है….!! राष्ट्रहित सर्वोपरि…सर्वश्रेष्ठ ही सनातन की पहचान है।।।।

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