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चंडीगढ़ शिमला 14 जनवरी 26 आर विक्रमा शर्मा रक्षत शर्मा अनिल शारदा हरीश शर्मा अश्वनी शर्मा प्रस्तुति –—- हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस आई की सरकार अब किसी को भी इंसानियत के नाते इंसान की सेवा करने की इजाजत नहीं दे रही है। इसका ताजा तारीन उदाहरण शिमला में सामने आया है। पूरे प्रदेश में ही नहीं जहां कहीं यह खबर पहुंची है वहां-वहां हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेसी सरकार पर थू थू हो रही है।। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के चमियाना में हॉस्पिटल तो है पर वहां कैंटीन नहीं. यहां पर मरीजों ओर उनके तमीरदारों के खाने पीने में आ रही मुश्किलों को दूर करने के लिए वेहले बॉबी के नाम से चर्चित सर्बजीत सिंह बॉबी ने लंगर लगाने की परमिशन मांगी तो सरकार ने मना कर दिया. ऐसे में सर्बजीत सिंह बॉबी ने हॉस्पिटल के साथ लगते जंगल में लंगर चला दिया. जब हिमाचल हाई कोर्ट को इस बात का पता चला कि लंगर जंगल में चल रहा है तो कोर्ट ने सरकार की क्लास लगाई.हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि सरदार को लंगर लगाने की जगह हॉस्पिटल में दें. बता दें कि सर्बजीत सिंह ने गरीबों के लिए शिमला के दो बड़े हॉस्पिटल में पहले ही दो लंगर लगा रखे हैं. इसके साथ ही गरीब लोगों के लिए फ्री एंबुलेंस ओर फ्री डेड बॉडी वैन लगा रखी है. जब कोई लावारिस शव का अंतिम क्रिया कर्म करना हो तो हॉस्पिटल प्रशासन इन्हीं सरदार को फोन लगाते हैं. सरदार चौबीस घंटे इसी काम के लिए तैयार मिलता है.


