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चंडीगढ़ नयी दिल्ली 01.08.2025 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा पंकज राजपूत प्रस्तुति— ड्यूटी पर जाते और लौटते समय हुए हादसे भी सेवा के दौरान माने जाएंगे, कर्मचारी मुआवजा कानून पर सुप्रीम कोर्ट का प्रशंसनीय निर्णय का सब ओर स्वागत किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने बीते मंगलवार को स्पष्ट किया कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के एक प्रावधान में इस्तेमाल नौकरी के दौरान और उसके कारण हुई दुर्घटना वाक्यांश (फ्रेज) में निवास स्थान और कार्यस्थल के बीच आने-जाने के दौरान होने वाले हादसे भी शामिल होंगे.अधिनियम की धारा-3 में इस्तेमाल इस फ्रेज को लेकर काफी संदेह और अस्पष्टता है.कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 की धारा-3 क्षतिपूर्ति के लिए नियोक्ता के दायित्वों से संबंधित है. न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि तथ्यों के आधार पर विभिन्न फैसलों में इसकी अलग-अलग व्याख्या की गई है.सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?उसने कहा कि हम कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम की धारा-3 में इस्तेमाल फ्रेज वाक्यांश ‘नौकरी के दौरान और उसके कारण हुई दुर्घटना’ की व्याख्या इस प्रकार करते हैं कि इसमें किसी कर्मचारी के साथ उसके निवास स्थान से ड्यूटी के लिए कार्यस्थल तक जाने या ड्यूटी के बाद कार्यस्थल से उसके निवास स्थान तक लौटने के दौरान होने वाली दुर्घटना शामिल होगी, बशर्ते दुर्घटना घटित होने की परिस्थितियों, समय, स्थान तथा रोजगार के बीच संबंध स्थापित हो. अल्फा न्यूज़ इंडिया इस समाचार के तथ्यों की पुष्टि की प्रतीक्षारत है।


