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कुरुक्षेत्र बृहस्पतिवार 10 जुलाई 2025 हरीश शर्मा अश्वनी शर्मा — गुरू पूर्णिमा के मांगलिक पावन अवसर पर कुरुक्षेत्र श्री कृष्ण संग्रहालय के सामने स्थित गीता धाम में गुरू दरबार लगाया गया। इस सुअवसर पर संतों व धर्म आचार्यों सहित महापुरुषों का सत्कार सम्मान किया गया।
इस अवसर पर भारी संख्या में एकत्रित गुरूवर के शिष्यों ने अपनी आस्था श्रद्धा व विश्वास के साथ अपनी उपस्थिति भरकर अपनी गुरु भक्ति का परिचय दिया। फूल माला, नारियल व भगवां चोला वस्त्र समर्पित कर धूमधाम से पूजा अर्चन किया। महाराज महावीर जैन की शिष्या श्रृति महाराज ने अपने शिष्यों के साथ गुरू पूर्णिमा व गुरू की महिमा का व्याख्यान किया। गुरू महोत्सव पर गीता धाम की प्रमुख संचालिका माता श्री सुदर्शना भिक्षु महाराज जी व सर्व सनेही दीदी कुसुम ने महावीर गुरू माता पूज्या मैया श्री श्रुति जी महाराज, पूज्य महाराज श्री तारामणि जी व पूज्य महाराज श्री निधिका जी व आचार्य हरि गोपाल का भी सुस्वागतम् व
सम्मान किया । तत्पश्चात् विशाल अमृतमय अटूट भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया । चंडीगढ़ से आए गुरु महाराज जी के शिष्य पंडित रामकृष्ण शर्मा ने अपनी धर्मपत्नी लक्ष्मी देवी शर्मा और अपने सुपुत्र हरीश शर्मा धर्मपत्नी अंजू कमलेश शर्मा पौत्र मोहित शर्मा के साथ गुरु चरणों में गुरु वंदना करते हुए परिवार सहित अपनी उपस्थिति दी। गुरु पूर्णिमा के बारे जानकारी दी कि गुरु पूर्ण मां अर्थात मां ही पूर्ण गुरु है और गुरु शास्त्रों मुताबिक पांच गुरु कहे गए हैं गुरु परम पिता परमेश्वर, गुरु जन्म देने वाली जननी, गुरु पालन पोषण करने वाला पिता और गुरु धरती मां जिस पर जन्म लिया है और गुरु पारिवारिक राष्ट्रीय सामाजिक शिक्षा देता शिक्षक सहित आध्यात्मिक ज्ञान देने वाला गुरु का सर्वोच्च सर्वोत्तम सर्वश्रेष्ठ स्थान है।।

