आपातकाल की याद ज़रूरी है – ताकि लोकतंत्र फिर न रोए” : नरेश अरोड़ा

Loading

चंडीगढ़ 25 जून 25 आरक्षित शर्मा अनिल शारदा रक्षित शर्मा पंकज राजपूत प्रस्तुति—- कांग्रेस के शासनकाल में देश में इमरजेंसी लगाना लोकतंत्र की निर्ममता पूर्वक हत्या थी। इस त्रासदी का विरोध लोकतंत्र की पीड़ा का अपमान है, यादें मिटाकर इतिहास नहीं बदला जा सकता। यह विचार प्रकट करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नरेश अरोड़ा ने स्थानीय सीनियर जर्नलिस्ट आरके विक्रमा शर्मा से भारत में कांग्रेस के द्वारा निर्ममता पूर्वक आपातकालीन घोषणा किए जाने के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि आज इसी संदर्भ में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा संविधान की हत्या दिवस आयोजित किया गया है। प्रोग्राम में माननीय पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि उपस्थित थे। यह आयोजन 25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आधारित है। इस पर बीते कल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी द्वारा विवाद पर आज भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नरेश अरोड़ा ने कहा कि पूर्व कांग्रेसी नेता और पूर्व रेलवे केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के बेटे मनीष बंसल और आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के कुछ पार्षदों द्वारा आपातकाल के स्मृति कार्यक्रम का विरोध अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र की पीड़ा का उपहास है। भारतीय जनता पार्टी इस विरोध की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारत के लोकतंत्र की आत्मा पर हुआ सबसे क्रूर हमला माना जाता है। उस काले दौर में लाखों निर्दोष नागरिकों को बिना कारण जेलों में डाल दिया गया। प्रेस की आज़ादी छीन ली थी। गैर कानूनी और अनैतिक अस्वैधानिक गतिविधियों का साम्राज्य बना रहा।। {{“जो लोग आज इन कार्यक्रमों का विरोध कर रहे हैं, शायद वे उस दर्द को कभी समझ ही नहीं पाए – वे आंसू, वो सिसकियाँ, वो खामोशियाँ, जिन्होंने लोकतंत्र की नींव को हिला कर रख दिया था।”}} (भाजपा प्रवक्ता नरेश अरोड़ा)।

गई,, और आम लोगों की आवाज़ को दमनकारी शक्ति से कुचल दिया गया। अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि आपातकाल का स्मरण कोई राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि यह उन अनगिनत परिवारों की पीड़ा को याद करने का अवसर है, जिनके सपनों को सत्ता के मद ने तोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी दल विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय चेतना और लोकतंत्र के पुनः सशक्तिकरण का प्रतीक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

603655

+

Visitors