कांग्रेस आई तुझे नरक हो नसीब भारत मां को किया गरीब- अधेड़ कांग्रेसी

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चंडीगढ़ गाजियाबाद मुम्बई 25 जून 25 अनिल शारदा रक्षत शर्मा पंकज राजपूत दिलीप शुक्ला अरुण कौशिक—सोशल मीडिया पर “आज 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जा रहा है” यह पोस्ट वायरल खूब हो रही है। इस दिन की कल्पना करते ही बुजुर्ग लोगों की रुह तक कांप उठती है। जिन लोगोंने यह दौर देखा है। वह इसकी कहानी याद करते ही दहशतज्दा भयभीत नजर बखूबी आते हैं। इसी को ट्रोल करते हुए भारतवासी अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं । यहां उस खौफनाक दौर से पहले की भारत सरकार की तस्वीर और तासीर देखिए।। काँग्रेसी चमचों को पता होना चाहिए नेहरू और इंदिरा गांधी के समय मे दूरदर्शन तो छोङिये रेडियो भी फ्री नही था। दोनो पर लाईसेंस था और पोस्ट आफिस मे जाकर लाईसेंस फीस जमा करानी पङती थी। जब सोना 500 रुपए तोला था तब लाईसेंस फीस थी 250 रुपये यानी आज के हिसाब से लगभग 50000 हजार रुपये। *नेहरू के जमाने मे तो साईकिल पर भी लाईसेंस था सालाना पांच रुपए लाईसेंस फीस थी।* *रेडियो के लिए लाइसेंस फीस थी 15 रुपए सालाना* और ये लाईसेंस 1991 तक था।ये अनपढ़ मौका परास्त नेहरू कांग्रेस भक्त खुद चापलूस होकर दुनिया को बेवकूफ समझते हैं। साभार।।

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