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पंचकूला 12.06.2025 आरके विक्रमा हरीश शर्मा अश्विनी शर्मा प्रस्तुति—– स्थानीय सिटी में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज मेन होल को इस तरह से साफ करवाई जा रहा है कि देखते भी कार्यप्रणाली पर शर्म आती है. उक्त पाइपों में कितनी मिट्टी भरी हुई होगी कोई मतलब नहीं। कस्सी से साफ और 20 – 20 लाखों लाखों के या इससे भी ज्यादा के टेंडर। विकास मंच पंचकूला ने पहले ही लिख दिया था कि यह सफाई मशीनों से करवाई जानी चाहिए। लेकिन मशीनों से सफ़ाई करवा दी तो बार बार टेंडर। कैसे लगेंगे। हमें नहीं पता क्यों सभी विभागों द्वारा यह काम मशीनों से करवा कर पाइपों की सफाई करवाई जा रही। चंडीगढ़ में भी यह सफाई मशीनों से करवाई जाती है। शायद यहां के सफाई का तरीका देख कर वहां भी ऐसे ही करवाना शुरू न कर दें। हर साल जो टेंडर लगाने का मौका मिलता है।या साल में दो दो बार भी या बारिश के अनुसार फिर लगा दिया जाता है।सोचना तो जनता को ही पड़ेगा क्या सही क्या ग़लत। सबका विश्वाश बना रहे सबका साथ मिलता रहे और सबका विकास हो ही जाएगा।l


