34 अनाथ बच्चियों को गोद ले प्रीति जिंटा ने रचा अनुकरणीय उदाहरण

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चंडीगढ़ 08.06.25 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा हरीश शर्मा अश्वनी शर्मा प्रस्तुति —-प्रीति जिंटा का नेक कदम उनको भीड़ में चमकता सितारा बना गया है।34 अनाथ लड़कियों को गोद लेकर रचा इतिहास बॉलीवुड की डिंपल गर्ल प्रीति जिंटा ने अपनी मुस्कान और अभिनय से तो लाखों दिल जीते ही हैं, लेकिन उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसने उन्हें असल मायनों में लोगों का हीरो बना दिया। अपने 34वें जन्मदिन पर प्रीति ने ऋषिकेश के मदर मिरेकल अनाथालय से 34 अनाथ लड़कियों को गोद लेकर एक मिसाल कायम की। इस नेक कार्य ने न केवल उनकी संवेदनशीलता को दर्शाया, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की एक नई उम्मीद भी जगाई।एक अनोखा जन्मदिन उत्सव 18 फरवरी 2009 को प्रीति ने अपने जन्मदिन को खास बनाने का फैसला किया, लेकिन पार्टियों या ग्लैमरस इवेंट्स की बजाय उन्होंने एक मानवीय रास्ता चुना। ऋषिकेश के मदर मिरेकल अनाथालय में पहुंचकर उन्होंने 34 अनाथ लड़कियों को गोद लिया। प्रीति ने इन लड़कियों की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए उनकी शिक्षा, भोजन, कपड़े और समग्र परवरिश का वादा किया। इस दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा, “ये बच्चियां अब मेरी जिम्मेदारी हैं। मैं साल में दो बार इनसे मिलने आऊंगी और इनके भविष्य को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगी।”प्रेरणा और प्रभाव प्रीति का यह कदम उस समय सुर्खियों में रहा। उनके इस फैसले ने न केवल अनाथ बच्चों के प्रति लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सेलिब्रिटी होना सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं है—यह समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है। प्रीति की इस पहल ने कई लोगों को प्रेरित किया और अनाथ बच्चों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा दी। उनके इस कार्य की खूब सराहना हुई, और यह साबित हुआ कि सच्ची खुशी दूसरों की जिंदगी में बदलाव लाने से मिलती है।प्रीति जिंटा: एक प्रेरणा प्रीति जिंटा का यह कार्य आज भी एक मिसाल है। उन्होंने दिखाया कि सफलता का असली मतलब है दूसरों की जिंदगी में खुशियां लाना। 34 अनाथ लड़कियों को गोद लेकर उन्होंने न केवल उनकी जिंदगी संवारी, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि हर बच्चा एक बेहतर भविष्य का हकदार है। प्रीति की यह पहल हमें सिखाती है कि मानवता और करुणा से बड़ा कोई उत्सव नहीं हो सकता। प्रीति जिंटा आज भी अपने प्रशंसकों के लिए एक प्रेरणा हैं—चाहे वह उनकी फिल्में हों, सामाजिक कार्य हों, या फिर मां और पत्नी के रूप में उनकी जिम्मेदारियां। उनकी यह कहानी हर उस व्यक्ति को प्रेरित करती है जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बदलाव लाना चाहता है। प्रीति जिंटा के उज्जवल भविष्य की अल्फा न्यूज़ इंडिया दिल से मंगल कामना करता है।

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