दानिश कनेरिया और तसलीमा नसरीन रहे हिंदुओं को जगा संभलो संभालों मानव जाति को

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चंडीगढ़ मुंबई 27 अप्रैल 2025 पंकज राजपूत अनिल शारदा अरुण कौशिक प्रस्तुति —- देश भर में एक समुदाय विशेष के द्वारा कत्ल का दौर सैकड़ो सालों से जारी है। और उनकी तलवार और गोलियों की बौछार से दुनिया का किसी भी देश का मूलवासी आज तक अपनी जान नहीं बचा पाया है। ये जिस पाक किताब का अध्ययन करते हैं वह सीरिया तुर्की ईरान तालिबान आदि में अपना असर दिखाती है। और बदकिस्मती से भारत तो सदियो से यह सब झेल रहा है। इसी क्रम को लगातार जारी रखते हुए कश्मीर श्रीनगर पहलगाम में 28 हिंदुओं की धर्म पूछ कर गोली मारकर कत्ल किया गया। हर यह मनहूस दिन 22 अप्रैल 2025 की दोपहर थी।। सोशल मीडिया पर दो पोस्ट बहुत वायरल हो रहे हैं। आज के दौर में इन पोस्टों की उपयोगिता समझी जा सकती है। “अगर मैं, इस्लाम धर्म अपना लूं, तो मैं, पाकिस्तान की क्रिकेट टीम का कप्तान बन सकता हूं. और सारे रिकॉर्ड तोड़ सकता हूं।” भारतीय क्रिकेट टीम के विख्यात क्रिकेटर दानिश कनेरिया कहते हैं कि “लेकिन मैं, गर्वित सनातनी हूं. और मैं इसे छोड़ने के बारे में कभी नहीं सोचूंगा। दानिश कनेरिया की रगों में सनातनी माता-पिता का सनातनी लहू बह रहा है। वैभव को भी जानता है की सृष्टि में सनातन और सनातन में ही सृष्टि है।तस्लीमा नसरीन@तस्लीम नसरीन जब तक इस्लाम जीवित रहेगा, आतंकवाद जीवित रहेगा।जब तक इस्लाम जीवित रहेगा, गैर-मुसलमानों को कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी, स्वतंत्र विचारकों और तर्कवादियों को कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी, महिलाओं को कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी। जब तक इस्लाम जीवित रहेगा, फूल मुरझाते रहेंगे, बच्चे मरते रहेंगे, लाखों मरे हुए कबूतर बारिश की तरह गिरते रहेंगे। इस्लाम की कोख से नफरत पैदा होती रहेगी। बदसूरत राक्षस पैदा होते रहेंगे।जब तक इस्लाम जीवित रहेगा, कोई भी राज्य, कोई भी राज्य सभ्य नहीं बन पाएगा, दुनिया सभ्य नहीं बन पाएगी। सदियों से यह सत्य कड़वा यथार्थ सब जानते हैं। लेकिन किसी भी मर्द कलमकार ने कलम नहीं उठाई। सच बोलने की जेहमत नहीं उठाई। सच बयां करता सच कहने को सर नहीं उठाया । तस्लीम नसरीन नारी सशक्तिकरण का सफल सबल उदाहरण है।

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