गुरुद्वारा की जमीन पर पुजारी द्वारा कब्जा कानूनन व नैतिक मूल्यों पर मामले का करें हल भाईचारे को दूषित न करें

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चंडीगढ़/जेसलमेर-30 नवंबर आरके विक्रमा चंद्रभान सोलंकी प्रस्तुति —- मंदिर के पुजारी द्वारा गुरद्वारे की ज़मीन फ़र्ज़ी तरीके से अपने नाम करवाने पर सिख जत्थेबंदियों में आक्रोश बढ़ा।
कोर्ट में फ़र्ज़ी सरपंच बने धर्मवीर के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। अखबारी सुर्खियों मुताबिक राजस्थान में उक्त
गजसिंहपुर स्थित गुरद्वारा 30 बी बी की 5 बीघा ज़मीन को पुजारी सीताराम शर्मा द्वारा सरकारी असर रसूख से अपने नाम करवाने के प्रयास से सिख संगत में आक्रोश की लहर दौड़ गई। हद तो तब हो गई कि उसके इस कृत्य में मौजूदा सरपंच के पति धर्मवीर ने कोर्ट में खुद को मौजूदा सरपंच बता हलफनामा दिया गया। गजसिंहपुर पुलिस ने फर्जी सरपंच बन कर गुरूद्वारा साहिब की भूमि को हड़पने का प्रयास करने के आरोप में सीताराम व धर्मवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है
पुलिस ने अदालत से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। चक 30 बीबी निवासी चमकौर सिंह ने इस्तगासे में बताया कि गांव में नहरी भूमि श्री गुरूद्वारा साहिब के नाम है। धर्मवीर ग्राम पंचायत 4 जेजे का सरपंच नहीं है। इसके बावजूद उसने खुद को सरपंच बताते हुए वाद दायर करके गुरूद्वारा साहिब के नाम दर्ज भूमि को सीताराम के नाम दर्ज करवाने की मांग की है।
केस दर्ज होने के तीन दिन बीत जाने पर भी पुलिस द्वारा कोई कारवाई न करने पर आज सिख जत्थेबंदियाँ धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा की अगवाई में गजसिंहपुर पुलिस स्टेशन पहुंची व दोषियों को ग्रिफ्तार न करने पर अपना रोष व्यक्त किया।
टिम्मा ने स्पष्ट किया कि सरकारी गुंडागर्दी या गैर सरकारी गुंडागर्दी से अगर गुरद्वारा साहिब की ज़मीन पर कब्जा किया गया तो नतीजे घातक होंगे। टिम्मा ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि बिना किसी दवाब के निष्पक्ष जांच कर दोषी तुरन्त ग्रिफ्तार किये जायें अन्यथा इंसाफ के लिए सिख संगतों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
टिम्मा ने दो टूक कहा कि सरकारें राजधर्म निभाएं व खालसा राज से प्रेरणा लें। खालसा राज में महाराजा रणजीत सिंह ने दरबार साहिब अमृतसर में सोना चढ़ाने की सेवा की थी तो साथ के साथ कांशी के विश्वनाथ मंदिर में भी 22 मण सोना चढ़ाकर राजधर्म निभाया था। जबकि आज राज में गुरद्वारों की जमीनों पर कब्जे हो रहे है दोषी खुलेआम घूम रहे हैं और प्रशासन मूक बना तमाशे देख रहा है जो नाकाबिले बर्दाश्त है।
सिख जत्थेबंदियों की और से बाबा गगनदीप सिंह जी करतार फाउंडेशन, अमरजीत सिंह शैरी,चरणजीत सिंह पदमपुर, सतनाम सिंह 35 बी बी, स्वर्ण सिंह गजसिंहपुर, निहाल सिंह करनपुर, गुरजीत सिंह मौडाँ, निरंजन सिंह 12 जी, बाबा जगविंदर सिंह जग्गा 14 जी, गुरदीप सिंह गजसिंहपुर, राकेश सिंह संदीप सिंह, राधे सिंह, मनीष सिंह सहित आदि ने गजसिंहपुर एस एच् ओ राकेश सांखला से वार्ता की। इस मार्फत अल्फा न्यूज़ इंडिया की गुजारिश है कि मंदिर और गुरुद्वारे में आपसी भाईचारा और सहयोग समर्थन की नीति का मर्यादा पूर्वक पालन किया जाए। दुनिया में हिंदू सिख से बड़ा कोई रिश्ता नहीं है यह भाईचारा बाबा गुरु नानक देव जी से शुरू हो आज तक सिर्फ व्यापक और गतिमान है। बहुत ही बेहतर होगा कानूनी दायरे से बाहर निकल कर इस सच झूठ और भौतिक सुख से बंधी समस्या का आपसी समझदारी से निवारण करें।।

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