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चंडीगढ़/ उदयपुर: 15 मई:- आरके विक्रमा शर्मा/ एडवोकेट विनीता शर्मा प्रस्तुति:—- कभी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेश आई आजकल तिनके के सहारे है। और हाशिए पर पहुंच चुकी है। पार्टी को गर्त में ले जाने की जिम्मेवारी कोई भी ईमानदारी से स्वीकार करने को राजी नहीं है। लेकिन मौजूदा हालात में पार्टी दिन बा दिन सिकुड़ती ही जा रही है। आपसी कलह कलेश और परिवारवाद का शिकार रही यह पार्टी अब तकरीबन विलुप्त प्राय ना हो जाए। इसके लिए पार्टी के कुर्सी को कुंडली मारे दिग्गज नेता कई तरह के विचार विमर्श कर रहे हैं। उदयपुर में चल रहा उक्त अधिवेशन कई मायनों में बहुत चर्चित हो चुका है। बेहद खर्चीला यह अधिवेशन भविष्य में पार्टी को कितनी साख और समृद्धि मजबूती देगा। यह तो समय ही बताएगा।
उदयपुर में चल रहे कांग्रेस पार्टी के 3 दिवसीय ‘नव-संकल्प चिंतन शिविर’ के दूसरे दिन हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ‘किसान और खेती’ के मुद्दे पर गठित समिति में अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ गहन चिंतन व विचार-विमर्श किया ।

