भारत माता के आधुनिक भामाशाह अनिल अग्रवाल ने दान किए हजारों करोड रुपए देश के गौरव हेतु

Loading

चंडीगढ़:- 15 जनवरी:- आर के विक्रमा शर्मा/अनिल शारदा+करण शर्मा :– भारत भूमि को भारत माता कहा ही नहीं जाता है। बल्कि वास्तविक रूप में माना भी जाता है। साक्षात मां का अवतार होती है धरा। जिस पर हम जन्म लेते हैं। और जन्म तब धन्य होता है। जब वह किसी दूसरे के काम आता है ।अपने लिए तो धन एकत्रित करना कोई बड़ बात ही नहीं है। लेकिन अपना एकत्रित किया हुआ धन, दूसरों पर न्यौछावर करना वाकया ही बहुत बड़ी पुनीत बात है। यह बात धर्म और समाज के अथक सेवक पंडित रामकृष्ण शर्मा जिन्हें नारायण सेवा संस्थान की ओर से भामाशाह अवार्ड से अलंकृत भी किया गया है, ने अल्फा न्यूज़ इंडिया के माध्यम से जन जानकारी के लिए सांझा की है। पंडित रामकृष्ण शर्मा ने आगे कहा है कि धरती पर एक से एक महादानी जन्म लेते रहे हैं और मानवता समाज और राष्ट्र का कल्याण करते रहे उन्होंने अपने धनकुबेर कोशो का दरवाजा कभी भी जरूरतमंदों के लिए बंद नहीं होने दिया है महाराज बलि महाराज कर्ण और ना जाने कितने ही ऐसे महान दानवीर ओ से भारत की धरती अलंकृत है।

मौजूदा दौर में भी भारत में अनेकों दानवीर समय-समय पर अपने क्षेत्र के गरीब पिछड़े लाचार अपाहिज लोगों की और जरूरतमंदों की और खासकर भारत सरकार की प्राकृतिक आपदा और विपदाओं में अर्थ सहायता करने में पीछे नहीं रहते हैं। आज अभी यहां जिस दानवीर का जिगर किया जाने वाला है यह शख्सियत कोई और नहीं बल्कि भारत सरकार को अपनी जीवन भर की तमाम जमा पूंजी से तकरीबन 75% भाग यानी ₹21000 करोड़ रुपए का निश्वार्थ दान दिया है।

दुनियां में धातु सम्राट यानि “मेटल किंग” के नाम से विख्यात और वेदांता ग्रुप’ के स्वामी दानवीर अनिल अग्रवाल ने अपने जीवन की सारी कमाई का 75 प्रतिशत शैक्षणिक कार्यों के लिए दान करने की भागीरथी घोषणा की है। मौजूदा वक्त में ब्रिटिश मुल्क के लन्दन शहर में बसे अग्रवाल का ये दान भारतीय मुद्रा के अनुसार इक्कीस हजार करोड़ रूपए हैं। गौरव की तो बात यही है कि यह अब तक किसी भी भारतीय  द्वारा दान की जाने वाली सबसे बड़ी धनराशि है।प

दानवीर मेटल किंग अनिल अग्रवाल का पटना में ही 24 जनवरी 1954 को जन्म हुआ था। और स्थानीय “सर जी डी पाटलिपुत्रा हाई स्कूल’ के विद्यार्थी रहे अनिल अग्रवाल ने शहर  लन्दन में ही अपने परिवार की पूर्ण सहर्ष सहमति के पश्चात गौरवांवित महसूस करवाने वाली घोषणा कि वे यह 21000 करोड़ों रुपए अपने गौरवमई राष्ट्र भारत में नि:शुल्क शिक्षा के बड़े प्रोजेक्टों में दान देना चाहते हैं। और कभी धरती पर विद्या का सर्वोत्तम और सर्वोच्च केंद्र रहे भारत देश में दुनिया की बहुत चर्चित और अभी तक की विख्यात यूनिवर्सिटी ऑक्सफ़ोर्ड  से भी बहुत बड़ी यूनिवर्सिटीज का निर्माण करके स्थापित करना चाहते हैं।। और भारत देश में बनने वाली यह विशाल विश्वविद्यालय लाभ हानि के स्तर से दूर रहते हुए यानी  ‘नो प्रॉफिट नो लॉस’ के आधार पर विभिन्न प्रकार की शिक्षाओं का केंद्र बनेगी।। वाक्य ही भारत माता के वीर दानवीर देशभक्त अनिल अग्रवाल ने भारत का  भाल पुरी दुनिया में ऊंचा करने के लिए जो बीड़ा उठाया है। विद्या की देवी मां शारदा उन्हें संपूर्ण सफलता प्रदान करें। और उन्हें स्वस्थ दीर्घायु भी करें। कृतज्ञ राष्ट्र महान दानवीर धातु सम्राट अनिल अग्रवाल को आधुनिक युग का भामाशाह कहने का सौभाग्य प्राप्त करके असीम प्रसन्नचित है।।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

656624

+

Visitors