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इसी वर्ष 14 अप्रैल को विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर पंचकूला-चंडीगढ़ के लिए विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन, पंचकूला की तरफ रेलवे स्टेशन का विस्तार, पंचकूला और चंडीगढ़ को जोड़ने के लिए अंडरपास के निर्माण की मांग की थी। इसके दो दिन बाद यानी 16 अप्रैल को दोनों नेताओं ने ऑनलाइन बैठक कर इस सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा की थी। इस दौरान पंचकूला के सेक्टर-19 में निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर भी बात हुई थी।
ज्ञान चंद गुप्ता ने केंद्रीय रेल मंत्री को बताया था कि पंचकूला चंडीगढ़ से सटा हुआ शहर है। यहां का रेलवे स्टेशन दोनों शहरों के बीच में हैं, लेकिन पंचकूला की तरफ वाले हिस्से में सुविधाओं का घोर अभाव है। इस रेलवे स्टेशन की पंचकूला से ठीक से कनेक्टिविटी भी नहीं है।
इंडियन स्टेशन डेवलपमेंट अथॉरिटी की सह प्रबंध निदेशक प्रणीता राय ने बुधवार को विस अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर बताया कि रेल मंत्रालय ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं। इसके चलते अब पंचकूला-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय स्टेशन बनाया जाएगा। इतना ही नहीं स्टेशन को चंडीगढ़ और पंचकूला की तरफ से समान ढंग से विकसित किया जाएगा। फिलहाल यहां पंचकूला की तरफ बहुत की कम सुविधाएं हैं। यहां एयरपोर्ट की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। दोमंजिले वेटिंग लॉन्ज, यात्रियों की सुविधा के लिए 12 एक्सिलेटर तथा 6 लिफ्ट स्थापित होंगी। 215 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए 2 सप्ताह के भीतर टेंडर निकाले जाएंगे। प्रोजेक्ट के तीन साल में पूरा होने की संभावना है।
इस प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा लाभ उन लोगों को होगा, जिन्हें रोजाना अपने कार्यों के लिए चंडीगढ़-पंचकूला आना-जाना होता है। इस प्रोजेक्ट में रेलवे स्टेशन के नीचे से रेलवे अंडर पास (आरयूबी) बनाने का प्रस्ताव है। यह नया रास्ता पंचकूला के सेक्टर 17-18 वाले चौक से शुरू होकर रेलवे स्टेशन के नीचे से होता हुआ चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 में निकलेगा। इससे मध्य मार्ग पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिल सकेगा।

