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जयपुर:-19 अगस्त:-एडवोकेट विनीता शर्मा:– राजस्थान की धरती देश भक्ति और वीर बलिदानी रणबांकुरों की धरती और भगवान श्री कृष्ण महाराज की अनन्य भक्ति करने वाली राजघराने की मीरा बाई की धरती आज फिर मानवता की मर्यादाओं का बलात्कार करने वाले वहशी दरिंदे के कारण शर्मसार है।
और यह दिल दहला देने वाली घटना जो कानून के कोरे कच्चे खोखले चिट्ठे की कहानी कह रही है। बाड़मेर की खबर ने जहां परिवारिक रिश्ते को तार-तार किया है। वहीं, एक नारी की मजबूरी का भी दरिंदगी से उपहास उड़ाया है। यह उपहास सीधे-सीधे हमारे देश की लचर कानून व्यवस्था पर करारा तमाचा है। बाड़मेर के परिवार की एक विवाहिता को इसलिए मानसिक और शारीरिक यातनाओं का शिकार होना पड़ रहा है कि उसकी गोद शादी के 6 साल बाद भी सुन्न है। यहां जब महिला के घर आंगन में नन्हे शिशु की किलकारियां नहीं गूंजी तो एक लंबे इंतजार के बाद घर के लोगों की सहमति से और शह पर महिला के देवर ने उसकी अस्मत लूटने का भरसक घिनौना दुष्कर्म करने में प्रयास किया। और अनैतिक गैरकानूनी शारीरिक संबंध बनाने की कुचेष्टा की। लेकिन दरिंदों के परिजनों से घिरी महिला ने अपनी अस्मत को जैसे-तैसे बचाए रख। और इस अनैतिक संबंध के लिए बिल्कुल सहमति नहीं जताई। फलस्वरूप वहशी दरिंदे देवर ने महिला से जोर जबरदस्ती करते उसके जननांग में चाकू घुसेड़ डाला। दर्द पीड़ा से चीखती कहराती भाभी ने वासना के अंधे देवर की एक न चलने दी।
और किसी तरह बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक को जाकर सारी घटना की जघन्य अपराध की और जानलेवा हमले की जानकारी दी। बाड़मेर के एसपी ने बुरी तरह लहूलुहान जख्मी महिला की दास्तान सुनी और केस दर्ज किया । और गहनता से मामले की जांच शुरू कर दी है। खबर लिखे जाने तक पीड़ित महिला का मेडिकल करवाए जाने और मामले में कौन कौन सी धारा लगाई गई है और आरोपी देवर की गिरफ्तारी की ताजा तारीन खबर की खबर लिखे जाने तक पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है। बाड़मेर में ही नहीं पूरे राजस्थान में यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई है। और अब सबकी निगाहें बाड़मेर के एसपी की कार्यवाही पर टिकी हैं। पीड़िता की हिफाजत और न्याय की दरकार के लिए सामाजिक और धार्मिक अनेकों संगठनों ने पुरजोर हूंकार भरने की बात कही है।

