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चंडीगढ़:- 15 जून :-आरके विक्रमा शर्मा प्रस्तुति:– दुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया माने जाने वाले मिजोरम के जिओना चाना को लेकर बीते रविवार को यह खबर आई थी कि उनकी मौत हो गई है| और हैरत की बात तो यह है कि उनकी मौत की आधिकारिक तौर पर पुष्टि भी मिजोरम के ही मुख्यमंत्री ने की थी और उनकी मौत का डेथ सर्टिफिकेट भी ट्रिनिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने और प्रबंधकीय प्रशासन ने जारी किया है उसके बावजूद भी उसके परिवार वाले उसकी डेथ को ना मानते हुए उसे अभी भी जिंदा करार दे रहे हैं उनके मुताबिक उसके शरीर में अभी भी गर्माहट बनी हुई है और जब तक इंसान का शरीर बिल्कुल शिथिल और ठंडा नहीं पड़ जाता तब तक वह मृत नहीं समझा जाता है।
लेकिन जिओना चाना की मौत पर अजब ‘संशय’ बरकरार है| डॉक्टर्स तो जिओना चाना को मृत डिक्लेयर कर चुके हैं लेकिन उनका बड़ा भारी परिवार यह मानने को राजी नहीं है कि जिओना की मौत हो गई है| इसीलिए अभीतक जिओना चाना का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है| परिवार का कहना है कि उनकी पल्स चल रही है..उनका शरीर अभी पूरी तरह से ठंडा नहीं पड़ा है| परिवार का दावा है कि वह अभी भी जिंदा हैं।
बताया जाता है कि, हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह से पीड़ित जियोना को रविवार को आइजोल के ट्रिनिटी अस्पताल में लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने रविविर की दोपहर 3 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया था। डॉक्टरों ने उनका अस्पताल से डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया। जिसके बाद परिवार वाले उन्हें घर वापस ले आए लेकिन यहां लाते ही परिवार वालों के मुताबिक उन्होने देखा कि उनका शरीर कुछ-कुछ गर्म है..पूरी तरह ठंडा नहीं पड़ा है| उनकी चलती पल्स को भी महसूस किया गया| जहां ऐसी परिस्थितियों में परिवार वालों से जिओना चाना का अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है|
39 महिलाओं के पति हैं जिओना चाना…..
76 वर्षीय जियोना चाना का परिवार मिजोरम के पहाड़ी गांव बक्तावंग तलंगनुम में रहता है| जियोना की 39 पत्नियां, 90 से अधिक बच्चे और कम से कम 33 पोते-पोतियां हैं, ये सब साथ मिलकर यहां स्थित एक विशाल चार मंजिला घर में रहते हैं। इस घर में लगभग 100 कमरे हैं| बताते हैं कि चाना का जन्म 21 जुलाई 1945 को हुआ था| उनके बारे में कहा जाता है कि उनकी पहली शादी 17 साल की उम्र में हुई थी उसके बाद उन्होंने 38 शादियां और कीं|
70 साल पहले बना था चुआंथर संप्रदाय…..
चुआंथर संप्रदाय- 433 परिवारों के 2,500 से अधिक सदस्य इस संप्रदाय का हिस्सा हैं, जिसकी स्थापना लगभग 70 साल पहले जियोन के चाचा ने की थी। संप्रदाय के अधिकतर सदस्य जीवन यापन के लिए बढ़ई का काम करते हैं। इस धार्मिक संप्रदाय में पुरुषों को बहुविवाह की अनुमति होती है। इन सभी का कहना है कि हम सभी जियोना बहुत सम्मान करते हैं, और जब तक हम आश्वस्त नहीं हो जाते कि वह इस दुनिया से जा चुके हैं, तब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं करना चाहेंगे। बता दें कि जिओना चाना चुआंथर संप्रदाय के नेता भी हैं|

