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सेना में सेवा हमारी देश भक्ति का अनूठा और सम्मानीय अवसर होता : पंडित आरके शर्मा जी

चंडीगढ़ : 21 जनवरी ; भारतीय नारी शक्ति आदि काल से ही समाज की रीड की हड्डी कही जाती है ! इसी नारीशक्ति का एक अंश प्रिया झिंगन    सफलता हिम्मत और नयेपन की क्षितिज पर चमकता सितारा बन कर उभरी थीं  !प्रिया छिंगन भारत की  पहली सेना महिला कैडेट के तौर पर सेना में चुनी गई थी  !
भारत के प्रथम नागरिक यानि राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रप्रति भवन के शानदार सभागार में प्रिया झिंगन  को इस विशिष्ट   उपलब्धि हेतु  112 महिला शक्ति के साथ सम्मानित किया है और नारीशक्ति की धाक  और साख का लोहा कायम रखा है !प्रिया झिंगन  को फर्स्ट लेडीज अवार्ड से सम्मानित किया गया है !ये अवॉर्ड  महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा दिया गया। सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी भी मौजूद थीं।
                     

   प्रिया झिंगन के पिता जी एक पुलिस अफसर हैं और घर में अनुशासन  शिष्टता का शानदार  वातावरण है ! प्रिया  हालाँकि पुलिस में भी नौकरी कर सकती थी पर सेना का आकर्षण व् गौरव उसे इतना भाया कि उसने आर्मी के चीफ जनरल रॉड्रिक्स को पत्राचार द्वारा सेना ज्वाइन करने की अपनी बलबती इच्छा से अवगत करवाया !प्रिया की विशेष इच्छा तो इन्फेंट्री डिवीजन में ही जाना था ! लेकिन  तात्कालीन नियमों के मुताबिक ये अनुनय विनय ख़ारिज होती रही ! पर उसने हौंसला नहीं छोड़ा और अपने लक्ष्य के सम्मत अग्रसर रही !पढ़ाई में भी प्रिया झिंगन अच्छी थी सो लॉ ग्रेजुएट बनी थी ! इसी के बलबूते उनको जज एडवोकेट जनरल में स्थान मिला !वर्ष 1992 में भर्ती होने वाली प्रिया झिंगन  सेना से दस वर्ष की सर्विस देने के बाद वर्ष  2002 में सेवा पदभार से मुक्त हुईं ! मेजर प्रिया छिंगन एनसीसी यानि नैशनल कैडेट कोर से चयनित होने वाली प्रथम भारतीय महिला बनी !और चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में जोइनिंग दी थी !यहाँ सिल्वर मैडल से नवाजी गई प्रिया झिंगन  को मार्च 1993 में जज एडवोकेटस जनरल डिपार्टमेंट में  कमीशन प्राप्त हुआ था ! मूल रूप से प्रिया झिंगन  शिमला की वासी हैं ! सेना में नारीशक्ति की समूलियत के लिए भी सर्वपर्थम प्रिया झिंगन  ने ही पहला खत लिखा था ! 


मोनिका शर्मा 

 ये तमाम व् विचार व् जानकारी अदिति कलाकृति हब ऑफ़ हॉबीज की बैठक में सीनियर पत्रकार संतोष गुप्ता और प्रिंसिपल आर्टिस्ट मोनिका शर्मा ने सांझे करते हुए नारीशक्ति को सेना में बढ़चढ़ कर प्रवेश करने के लिए प्रेरित करने की  व्यक्त किये ! काफिला दी फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया की संस्थापिका प्रिंसिपल [सेनिo] विक्रमजीत कौर बब्बल और संवेदना एनजीओ की सर्वेसर्वा अनुराधा सिंह ने कहा कि भारतीय नारी अपनी आदि शक्ति के नाते समूचे विश्व में किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं ! आज आधुनिक परिवेश में उनकी उपस्थिति हर क्षेत्र को गौरवमयी दिशा दे रही है !  पंचुकला से थ्री स्टार वुमेन वेलफेयर की प्रधान मीना शर्मा सहित डॉ कमलेश अंजू शर्मा के मुताबिक अगर नारी समाज को सही समय पर सही दिशा मिलती रहे तो वह खुद को हर मोर्चे पर बखूबी कामयाबी से प्रूव करने का समार्थ्य  रखती है! अदिति कलाकृति की ओर  से शनिवार 20 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में सभी सम्मानित होने वाली 112 नारीशक्ति को बधाई और शुभकामना देने के लिए उक्त बैठक का आयोजन किया गया था ! 

         प्रिंसिपल आर्टिस्ट मोनिका शर्मा आभा ने कहा कि सेना से जुड़े किसी भी पदभार सैनिक शहीद की विधवा और बेटियों को उनके अपने पैरो पर खड़े करने के लिए निशुल्क आर्ट्स का प्रशिक्षण देने में अदिति कलाकृति कभी भी पीछे नहीं हटेगी ! प्रशिक्षण लेकर सैनिकों की बेटियां व् विधवाएं अपने घर से लघु रोजगार शुरू करके अपना व् अपने परिवार की बखूबी पालनपोषण कर सकती हैं ! 
 अदिति कलाकृति के प्रेरणा पुंज और मार्गदर्शक पंडित आरके शर्मा जी ने कहा कि सेना में सेवा हमारी देश भक्ति का अनूठा और सम्मानीय  अवसर होता है जोकि सौभाग्य से ही मिलता है ! अवतार सिंह कलेर जोकि अदिति कलाकृति के ऑनरेरी चेयरमेन हैं ने कहा कि नारी शक्ति ही पुरुष प्रधान समाज के लिए असली शक्ति और पथप्रदर्शक होती है जिसका पहला रूप मां है और दूसरा बहिन तीसरा धर्मपत्नी और चौथा बेटी है ! ये नारी शक्ति माँ ही अपने  सुरमे पुत्रों को देशभक्ति की और बलिदान को प्रेरित करने वाली लोरियां सुनाती हैं !         
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