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सर्व मंगल और सुख समृद्धि हेतु ग्रह घात महायज्ञ ही सार्थक ; रसिक महराज

सर्व मंगल और सुख समृद्धि हेतु ग्रह घात महायज्ञ ही सार्थक ; रसिक महराज  

पंचकूला ; फरवरी ; आरके विक्रमा शर्मा /एनके धीमान ;——आत्मकेंद्रित और धनलोलूपता के कोढ़ से ग्रसित लोग जहाँ सिर्फ अपने तक ही निहित स्वार्थवश सीमित रहते हैं वहीँ पण्डित राम कृष्ण शर्मा ने सपरिवार विश्व शांति और नगर सुख मानव समृद्धि हेतु ग्रहघात महा यज्ञ सम्पन्न करवाया; धर्मावत जानकारी उत्तराखण्ड वासी और महामंडलेश्वर रसिक महराज ने उक्त ग्रहघात महा यज्ञ के सम्पन्न होने की वेला पर सांझी की ! सेक्टर 11 स्थित प्राचीन शिव मन्दिर पीपल वाली माता [जानीमानी समाजसेविका माता  कलावती शर्मा ] के गृहनिवास शर्मा कुटीर में ये धर्म परोपकारी गंगा प्रवाहित हुई ! महामंडलेश्वर रसिक महाराज की देखरेख में सर्व पुनीत सर्व सुखाय परमहिताय महायज्ञ की पूर्णाहुति से पूर्व शांति कर्ता  तुष्टि कर्ता पुष्टि कर्ता के नामित हवनसामग्री अग्नि में होम की गई ! समस्त वातावरण मन्त्रों के शुभ उच्चारणों से गुंजायमान हुआ ! मुख्य कर्ता लक्ष्मी देवी रामकृष्ण शर्मा , मीना -विष्णु मोहन शर्मा ,मोनिका आभा-आरके शर्मा विक्रमा व् कमलेश -हरी पाल शर्मा व् पुत्री आशा जमात बीरबल शर्मा और माता कलावती शर्मा और पिता पण्डित किरपाराम शर्मा के पोत्रे शुभम अदम्य रक्षत चेतन्य और पोत्री उमा समृद्धि अदिति सहित नाती करणशर्मा व् नातिन रितिका शर्मा ने सर्व कलायाणार्थ हवन कुंड में मन्त्रोच्चारण के साथ आहुतियां होम कीं ! तत्पश्चात प्रीति भोज का गृह शांति कर्ता भगवान को भोग लगाने के बाद अटूट रूप से यजमानों ने भंडारा खाया और सबके मंगल मनोरथ पूर्ण होने के लिए आशीर्वाद दिए ! कई दिवस चले मन्त्र जाप के पहले और बाद में  देव स्वरूपों कलशों जटा  नारियलों की सम्पूर्ण विधिविधान से नित्यप्रति  पूजा अर्चन के बाद अखण्ड सर्व सुख भोग देने वाले  धर्म प्रवचन गंगा प्रवाहित की जाती थी ! 
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