ग्रह-नक्षत्रधर्मसाहित्य-संस्कार

भक्ति भावना का ही तो भव्य भाव है प्रतिष्ठित: पं राम कृष्ण शर्मा

चंडीगढ़ 17 सितंबर अल्फा न्यूज इंडिया डेस्क:—-*👌🏻कोई-कोई  मैसेज वाकई  कमाल होता है*👌🏻
आप स्वयं पढ़िये….

कितना सत्य है ना…..?
💐💐भक्ति जब भोजन में प्रवेश करती है,
भोजन ” प्रसाद “बन जाता है.।
💐💐
भक्ति जब भूख में प्रवेश करती है,
भूख ” व्रत ” बन  जाती है.।
💐💐
भक्ति जब पानी में प्रवेश करती है,
पानी ” चरणामृत ” बन जाता है.।
💐💐
भक्ति जब सफर में प्रवेश करती है,
सफर ” तीर्थयात्रा ” बन जाता है.।
🍁🍁
भक्ति जब संगीत में प्रवेश करती है,
संगीत ” कीर्तन ” बन जाता है.।
🍁🍁
भक्ति जब घर में प्रवेश करती है,
घर ” मन्दिर ” बन जाता है.।
🌸🌸
भक्ति जब कार्य में प्रवेश करती है,
कार्य ” कर्म ” बन जाता है.।
🌸🌸
भक्ति जब क्रिया में प्रवेश करती है,
क्रिया “सेवा ” बन जाती है.। और…
🌻🌻
भक्ति जब व्यक्ति में प्रवेश करती है,
व्यक्ति ” मानव ” बन जाता है..।
*🙏🏻🌹🌺🌹🙏🏻*सादा जीवन उच्च विचार के पोषक पंडित राम कृष्ण शर्मा जो कि अक्षरत धर्म कर्म दान पुण्य परोपकार सहानुभूति प्रभ हैं का कहना है कि गर सही संदर्भ में व्यक्ति ही बन लिया जाए तो इंसान बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई समझो।

 

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