ग्रह-नक्षत्रधर्म

खर मास शुरू आज से 14 अप्रैल तक रहेंगे मांगलिक कार्य बंद

सूर्य उपासना से चमकेगा नौकरी और राजनीति का सितारा : पं कृष्ण मेहता

चंडीगढ़ 14 मार्च:- अल्फा न्यूज़ इंडिया डेस्क प्रस्तुति:—
हिंदू पंचांग के आखिरी माह में जो संक्रांति पड़ती है उसे मीन संक्रांति कहा जाता है। हर महीने सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करता है। जब सूर्य, मीन राशि में प्रवेश करता है तो उसे मीन संक्रांति कहा जाता है। इस बार ये तिथि 14 मार्च 2021 को है। इस दिन का हिंदू पंचांग में खास महत्व है। इसके साथ ही इस दिन पूजा और पवित्र नदियों में स्नान करने की भी मान्यता है। मीन संक्रांति को मुख्य रूप से ओडीशा में मनाया जाता है। जानिए मीन संक्रांति का शुभ मुहूर्त और महत्व।
मीन संक्रांति का शुभ मुहूर्त
मीन संक्रांति का पुण्य काल- शाम 6 बजकर 18 मिनट से लेकर शाम बजकर 29 मिनट तक
अवधि- 11 मिनट
मीन संक्रांति का महत्व
सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने को मीन संक्रांति कहा जाता है। इस राशि में सूर्य देव 14 अप्रैल तक स्थित रहेंगे। मीन संक्रांति का प्रकृति की दृष्टि से भी खास महत्व है। इस दौरान उपासना, ध्यान और योग करना लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान सूर्य की उपासना करने और अर्घ्य देने से नकारात्मकता दूर होती है।
मांगलिक कार्य होते हैं वर्जित
मीन देवगुरु बृहस्पति की राशि है और सूर्यदेव जब बृहस्पति की राशि में आते हैं जो खरमास लग जाता है। यानी कि 14 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास रहेगा। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाएगा।
जानें क्या करें मीन संक्रांति के दिन
मीन संक्रांति के दिन तिल, कपड़े, और अनाज का दान करना चाहिए। इसके अलावा इस दिन गाय को चारा खिलाना भी शुभ माना जाता है।

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