उद्योग जगतहिमाचल प्रदेश

आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन में 25 सदसीय कमेटी का गठन

छठा सम्मेलन सीटू कार्यालय किसान-मजदूर भवन चितकारा पार्क लोअर कैथू शिमला में सम्पन्न

  • चंडीगढ़ /शिमला :7 जुलाई : अल्फा न्यूज इंडिया डेस्क :—आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू का छठा सम्मेलन सीटू कार्यालय किसान-मजदूर भवन चितकारा पार्क लोअर कैथू शिमला में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में 25 सदसीय कमेटी का गठन किया गया। वीरेंद्र लाल को अध्यक्ष,लेखराज,जगत राम,रमेश कुमार,सुरेन्द्रा को उपाध्यक्ष,नोख राम को महासचिव,जयकुमार,रीता,हेमलता को सचिव व सीताराम को कोषाध्यक्ष चुना गया। संजीव,रक्षा,सीता,शालू,कांता,राकेश,सुरेश,मोहन लाल,सुरेंद्र,संदीप व गीतिका को कमेटी सदस्य चुना गया।

 

 

सम्मेलन में सीटू नेता विजेंद्र मेहरा,रमाकांत मिश्रा,हिमी देवी,किशोरी ढटवालिया व बालक राम आदि मौजूद रहे। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की जयराम सरकार लगातार मजदूर विरोधी कार्य कर रही है। इस सरकार ने हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट में मजदूर विरोधी प्रावधान किए हैं। मजदूरों के 18 हज़ार रुपये के वेतन की मांग पर वित्त मन्त्री ने एक शब्द तक नहीं कहा है। मजदूरों के लिए बने 44 श्रम कानूनों को केवल 4 श्रम संहिताओं में बदलने का निर्णय लिया है जोकि पूर्णतः मजदूर विरोधी है। इस से 73 प्रतिशत मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे। इनमें से सात श्रम कानूनों को तो बिल्कुल खत्म कर दिया जाएगा। यह सरकार उद्योगपतियों से मिली हुई है व मजदूरों का गला घोंटना चाहती है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की ईपीएफ की राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा शेयर मार्केट में लगाकर पूंजीपतियों व उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है। इसके साथ ही शेयर मार्केट के गिरने से मजदूरों की मेहनत का यह पैसा डूब भी सकता है। मजदूरों की मेडिकल स्कीम ईएसआई का 75 हज़ार करोड़ रुपया मुकेश अम्बानी की कम्पनी के हवाले कर दिया गया है। इस तरह यह सरकार पूरी तरह पूंजीपतियों की गोद में बैठी हुई है। प्रदेश की जयराम सरकार मजदूरों के न्यूनतम वेतन को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ न जोड़ कर मजदूरों का गला घोंट रही है।

 

 

नवनिर्वाचित यूनियन अध्यक्ष वीरेंद्र लाल व महासचिव नोख राम ने कहा है कि आईजीएमसी के सफाई व सिक्योरिटी कर्मचारियों के लिए अर्धकुशल की श्रेणी हासिल करना बहुत बड़ी उपलब्धि है। इन कर्मचारियों के लिए अर्धकुशल श्रेणी केवल आईजीएमसी में है व बाकी सब विभागों में ये कर्मचारी एक श्रेणी नीचे अकुशल श्रेणी में हैं। यूनियन के संघर्षों के फलस्वरूप ही वार्ड अटेंडेंटों की श्रेणी कुशल होने की अधिसूचना जल्द जारी होने वाली है। आईजीएमसी में यूनियन के संघर्षों की बदौलत ही ईएसआई,छुट्टियों,ईपीएफ,ड्रेस आदि के मसले हल हुए हैं। उन्होंने आईजीएमसी प्रबंधन व ठेकेदारों को चेताया है कि अगर उन्होंने श्रम कानूनों की पालना न की तो यूनियन संघर्ष का रास्ता अख्तियार करेगी व उनकी मजदूर विरोधी नीतियों का करारा जबाव देगी। इस दौरान 27-28 जुलाई को शिमला के कालीबाड़ी हॉल में होने वाले जिला सम्मेलन के लिए वीरेंद्र लाल,नोख राम,सीता राम,विद्या गाजटा,सुरेन्द्रा,लेखराज,जगत राम,जय कुमार,संजीव,रमेश,रीता,हेमलता को प्रतिनिधि चुना गया।

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