मनोरंजनसाहित्य-संस्कार

पति दांत पत्नी जिव्हा मुंह परिवार तुल्य

😛जिव्हा और दांत😬*
*मिया-बीबी वाली बात।*
*😛जिव्हा और दांत😬*
*दोनों रहते हैं साथ साथ।*
*एक सख्त एक मुलायम;*
*पर हैं सच्चे हमदम!!*
*इनके रिश्ते हैं ऐसे;*
*मियां बीबी हो जैसे;*
*😛जिव्हा;पत्नी सी,कोमल और नाजुक 😜*
*😬दांत; पति सा, स्ट्रांग और मजबूत 🤣*
*दांत चबाते हैं जिव्हा स्वाद पाती है,*
*जैसे पति कमाता है बीबी मज़ा उठाती है।*
*जिव्हा चंचल-चपल और चुलबुली है।*
*बातें बनाती रहती जब तक खुली है।*
*दांत, स्थिर, थमे हुए और सख़्त जान है;*
*चुपचाप, बिना शिकायत के, करते काम हैं।*
*बस जब थक जाते हैं तो किटकिटाते हैं*
*और जीभ जब ज्यादा किट किट करती है;*
*उसे काट खाते हैं।*
*जैसे कभी-कभी अपनी पत्नी पर,*
*पति अंकुश लगाता है;*
*मगर फिर भी, दांतों की तरह,*
*उसे अपने आगोश में छुपाता है।*
*दांतों के बीच में जब भी कुछ फंस जाता,*
*जिव्हा को झट से इसका पता है चल जाता।*
*और वह इस फंसे हुए कचरे को निकालने;*
*सबसे पहले पहुँच जाती है…*
*और जब तक कचरा निकल नहीं जाता;*
*कोशिश किये जाती है।*
*जैसे पति की हर पीड़ा,*
*पत्नी समझती है*
*और उसकी हर मुश्किल में,*
*आगे बढ़ कर मदद करती है।*
*पति – पत्नी जैसे ही इनके हालत होते हैं*
*दिन भर अपना अपना काम करते हैं,*
*पर रात को चुपचाप, एक ही साथ,*
*”एक ही घर में सोते हैं”।।। साभार।।

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