चंडीगढ़रोजगार

एमओएच के ड्राइवरों व हेल्परों की मीटिंग गारबेज ट्रांसफर स्टेशन में सम्पन्न

अल्फा न्यूज़ इंडिया शुरू से ही आउटसोर्सिंग वर्करों की मांगों को प्रमुखता से प्रशासन और निगम के आगे रही उठाती

चंडीगढ़:- 7 सितंबर:- आरके विक्रमा शर्मा/ करण शर्मा/अनिल शारदा+ राजेश पठानिया प्रस्तुति:—- चंडीगढ़ प्रशासन और उधर नगर निगम अपने रेगुलर इंप्लाइज और आउटसोर्सिंग एम्पलाइज की चिर लंबित मांगों की ओर भूले से भी तवज्जो नहीं देता है। जिस कारण मजबूरन एंप्लाइज को स्ट्राइक पर जाना पड़ता है रोष प्रदर्शन धरने रैलियां आदि करनी मजबूरी बन जाती है आउट सोर्सेस वर्करों का सरकारी दफ्तरों में भरपूर शोषण जारी है। इन कर्मचारियों को नौकरी देते वक्त भी भारी रिश्वत देनी पड़ रही है। और कई कई महीने इनकी सैलरी भी नहीं उपलब्ध करवाई जा रही है। जिन विभागों में यह आउट सोर्सेस के वर्कर काम करते हैं उनके अधिकारी और विभागाध्यक्ष तक इस ओर से चुप्पी साधे हुए रहते हैं।

अल्फा न्यूज़ इंडिया की नगर निगम सहित सरकारी अस्पतालों स्कूलों नगर निगम के अलावा चीफ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट यूटी चंडीगढ़ के अधिकारियों से गुजारिश है कि इन लोगों का हर प्रकार का दोहन शोषण बंद किया जाए। और इनकी सैलरी समय से इन को उपलब्ध करवाई जाए। और डिफाल्टर ठेकेदारों के ऊपर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए।        

कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी एंप्लॉयज एंड वर्कर्स यूटी चंडीगढ़ के आवाहन पर एमओएच के ड्राइवरो तथा हेल्परों की मीटिंग गारबेज ट्रांसफर स्टेशन, सेक्टर 25 में हुई।

वर्करो को संबोधन करते हुए कोऑर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, कोऑर्डिनेटर गुरचरण सिंह, चीफ पैटर्न श्याम लाल घावरी तथा ड्राइवरों के प्रतिनिधि राज कुमार ने नगर निगम कमिश्नर से घर घर से कुडा उठा रही गाडीयों के डराईवरों तथा हैलपरों को नीचले अधिकारियों द्वारा तंग प्रेशान ना करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया फेस वन गारबेज ट्रांसफर स्टेशन इंडस्ट्रियल एरिया फेज टू तथा, गारवेज टरांसफर सटेशन सैकटर 25 के डराईवरों और हैलपरों के बताने अनुसार घर घर से कुडा उठा रही टाटा और महिंद्रा बलैरो गाडीयें पचास हजार किलोमीटर चल चुकी है लेकिन गरंटी पीरीयड में इनकी एक भी सरविस नहीं करवाई गई जबकि गरंटी पीरीअड में तीन सरविस होना जरूरी था। कई नई गाडीयें सर्विस ना कराने की वजह से खराब हो चुकी है। जिसमें कई गाडीयों के जैक भी खराब हो गऐ है। कालीबाड़ी सैंटर से कई गाडीयों की बैटरी चोरी हो चुकी है और कई की RFD खराब हुई पढ़ी है। बहुत सी गाडीयों के टायर घिस चुके हैं लेकिन बदलवाए नही जा रहे। पहले डराईवरों को गाडीयों की वशिंग करवाने के लिए और टाईर पैंचर आदि ठीक करवाने के लिए परची दी जाती थी लेकिन अब वह बंद कर दी गई है। कालीबाड़ी सैंटर से कई गाडीयों की बैटरी चोरी हो चुकी है और कई की RFD खराब हुई पढ़ी है। बहुत सी गाडीयों के टायर घिस चुके हैं लेकिन बदलवाए नही जा रहे। पहले डराईवरों को गाडीयों की वशिंग करवाने के लिए और टाईर पैंचर आदि ठीक करवाने के लिए परची दी जाती थी लेकिन अब वह बंद कर दी गई है। कालीबाड़ी सैंटर गीले सुखे कुडे की मशीन खराब है और पटे टूटे पढ़े हैं। गाडीयों की पासिंग और धुआं चैक करवाने के लिए हो रहा खरच डराईवरों को ही करने के लिए कहा जा रहा है। जैम पोर्टल के ऐगरीमैंट के अनुसार 15 कैजूलीव छूटी नहीं दी जा रही और आई कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। कोआरडीनेशन कमेटी के नेताओं ने नगर निगम कमिश्नर से इन डराईवरों और हैलपरों की समस्यो के हल की मांग करते हुए हो रही धकेशाही को रोकने और बढे हुए डी सी रेट का ऐरीयर देने की भी मांग की। ड्राइवरों तथा हैलपरो ने हाथ खड़े कर 17 सितंबर की कन्वेंशन में शामिल होने का नारा बुलंद किया।

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